क्या प्लास्टिक करेगी दुनिया का खात्मा ?
आज परमाणु युग के साथ प्लास्टिक युग भी चल रहा है, दुनिया के लिए दोनों ही एक चिन्ता का विषय है,अगर नज़र डाली जाए पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण जहाँ भी नज़र जाएगी वहाँ कुछ नज़र आये न आये परन्तु प्लास्टिक बैग ज़रूर नज़र आ जाएगा, आज के समय तो प्लास्टिक मानव जीवन का एक हिस्सा बन गयी है,व्यक्ति चाहे दुकानदार हो या उपभोक्ता बिना प्लास्टिक उसका सामान अधूरा है, जबकि सभी जानते है कि प्लास्टिक का उपयोग करना शरीर के साथ जीवन यापन करने के लिए कितना हानिकारक है, आज हमारे बीच जो पशु,पक्षी आदि है जिनके पास बोलने के लिए जुबान नहीं है जब वो प्लास्टिक का सेवन कर लेते है तो उनके लिए किसी ज़हर से कम नहीं है। आज मानव जब अपने शरीर,परिवार के लिये अच्छा सोच सकता है तो दूसरों के लिए क्यों नहीं ?
चूँकि प्लास्टिक सस्ती, हल्की और मजबूत होती परन्तु मानव को समझ नहीं आता कि प्लास्टिक पेट्रोलियम और अन्य हानिकारक गैस को मिलाकर बनती है,ये विघटित नहीं हो सकती, इसे विघटित होने के लिए कम से कम 10,000 वर्ष का समय लगता है प्रतिवर्ष पूरी दुनिया में 500 खरब के करीब प्लास्टिक बैग का उपयोग किया जाता है, और इस प्रकार एक मिनट में एक अरब से अधिक बैग का इस्तेमाल किया जाता है।
हमारे भारत में कई शहर ऐसे है जहाँ पर प्लास्टिक ने पूरा एक्छत्र राज कायम करके रखा हुआ है इसमें से एक है जयपुर जहां सबसे ज़्यादा प्लास्टिक प्रोयोग होती है। प्लास्टिक बैग से हमारी ज़मीन से लेकर पानी तक सब कुछ प्रदूषित हो रहा है,जब ये प्लास्टिक बैग नदी में जा के गिरते है तो धीरे धीरे अपना केमिकल पानी मे छोड़ते फिर जब वो पानी जानवर, पशु,पक्षी आदि पीते है तो मर जाते है। इसी कारण करीब 1,00,000 जीव की जैसे डॉल्फिन, कछुए, व्हेल, पेंगुइन आदि मर चुके है,वहीं कुछ जानवर इसे खाने की चीज समझकर खाते है और वो भी मर जाते है। ये जीव जंतुओं और जानवर के साथ मानव के लिए भी हानिकारक है, जैसा कि हमने बतया है ये पेट्रोलियम से बनी होती है जो 10,000 वर्ष तक विघटित नही हो सकती तो अंदाज़ लगाया जा सकता है कि हम जो समान दुकान,होटल आदि पैक करा के घर लाते है और बड़े चाव से खाते है वो शरीर के लिए कितना हानिकारक है,एक प्रकार से खाने में आधा ज़हर खाते है।
बात जब प्रदूषण की आये तो वहाँ भी प्लास्टिक ने अपनी धाक जमाने में कोई कसर नहीं छोड़ी रोड हो,गली हो या कोई मोहल्ला हर जगह इसका प्रदूषण है। लोग प्लास्टिक का इस्तेमाल करने के बाद उसे जला देते हैं जिससे वायु प्रदूषण पनपता है और शरीर के लिए हानिकारक होता है। प्लास्टिक का इस्तेमाल आप चाहे किसी भी प्रकार में करें हमेशा नुकसान के अलावा कुछ नहीं मिलेगा।आज करीब 40 देश प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध भी लगा चुके हैं, वही संयुक्त राष्ट्र ने प्लास्टिक पर कहा है कि इसे पूरी तरीके से पूरे विश्व मे प्रतिबंधित होना चाहिए और उसने ये बात सख्ती के साथ बोली है, आयरलैंड में तो प्लास्टिक की कीमत समान से ज़्यादा है तो लोग प्लास्टिक बैग लेने में कतराते है, यही नियम यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और न्यू यॉर्क सख्ती के साथ अपने देश मे पालन कर रहे हैं।
अतः हमें प्लास्टिक को प्रोयोग में नही रखना इसका ध्यान देना होगा नही वो दिन दूर नही की दुनिया खाना की जगह प्लास्टिक खाएगी, पर्यावरण बचना है तो पेड़ लगाओ प्लास्टिक की फैक्टरी नहीं।
कानपुर

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