Saturday, July 7, 2018

सेवानिवृत फ़ौज़ी के बेटे ने लगाई फाँसी।


शोक में रोते बिलखते परिजन।
फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के श्याम नगर खंभापुर में शुक्रवार रात सेवानिवृत्त फौजी के बेटे अनिल उर्फ संतू ने घर के स्टोर रूम में फांसी लगा ली। शव रस्सी के फंदे से लटका मिला। परिजनों को सुबह जानकारी हो पाई। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। फिलहाल परिजन घटना की वजह नहीं समझ पा रहे हैं।सेवानिवृत्त फौजी चंद्रभान श्रीवास्तव का बेटा अनिल कुमार उर्फ संतू (40) बेरोजगार थे। बड़ा भाई संतोष श्रीवास्तव बिंदकी डाकघर में पोस्टमास्टर हैं। छोटा बबलू श्रीवास्तव व्यवसाय करता है। तीनों भाइयों का संयुक्त परिवार है। संतू की पत्नी नीलम है। बेटी रिया कक्षा 11वीं व बेटा कार्तिक कक्षा नौ का छात्र है। पड़ोसियों की मानें तो पिता और तीनों भाइयों में काफी प्रेम था। शुक्रवार शाम मोहल्ले की बिजली खराब थी। संतू मोहल्लेवासियों के साथ उपकेंद्र लाइन ठीक कराने के लिए गया था और रात करीब साढ़े 11 बजे लौटा था। इसके बाद रात लगभग एक बजे तक उसने टीवी पर मैच देखा था। बच्चे सो गए थे, बाद में पत्नी भी सो गई। सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के लिए पत्नी नाश्ता तैयार करने लगी। नाश्ता करने के बाद बच्चे स्कूल जाने की जानकारी देने के लिए पिता को खोजने लगे। अपने कमरे में पिता को न देख घर के बाहर देखा, लेकिन उनका पता नहीं चला। कुछ देर बाद पत्नी स्टोर से कुछ समान निकालने गई तो पति का शव छत पर लगे छल्ले में रस्सी के फंदे में लटका था। पति की हालत देख वह चीख पड़ी। चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भागते हुए स्टोर पहुंचे और वहां के हालात देखकर  सन्न रह गए।  परिवार में कोहराम मच गया। देखते ही देखते दरवाजे पर भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया है। बड़े भाई ने बताया कि भाई को किसी तरह की कोई तकलीफ नहीं थी। उसने आत्महत्या क्यों की, यह बात कुछ समझ में नहीं आ रही है। कोतवाल शैलेद्र सिंह का कहना है कि परिजनों की सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। 
           नयी सोच। आलोक गौड

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