अफवाहों पर ध्यान न देते हुए बच्चों का करवाएं टीकाकरण
मिजिल्स रूबेला के टीके से नही है कोई खतरा
फतेहपुर । जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि जनपद में अब तक 3 लाख बच्चों को मिजील्स रूबेला का टीका लगवाया जा चुका है जनपद में 10 लाख बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य है जिसको पूरा करने में स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ लगी हुई है। जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार ने पत्रकारों से बात चीत करते हुये कहा कि मीजील्स रूबेला टीकाकरण से बच्चों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी यह टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे कोई साइड इफेक्ट नही होता है जो दिक्कतें कुछ बच्चों को आने की सूचना है वह मीजील्स रूबेला के टीकाकरण से नहीं बल्कि पहले से बच्चों में मौजूद स्बीमारियों से है क्योंकि कुछ बच्चे इंजेक्शन के नाम से ही डरते हैं ऐसे बच्चों को जब टीका लगाया जाता है तो वह उसकी दहशत में आकर बीमार हो जाते हैं। वह भी कुछ ही बच्चों के साथ होता है।
जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार ने बताया कि मीजील्स रूबेला के टीके से बच्चों को बीमारी से दूर रखा जा सकेगा यह टीका बच्चों के लिए अति आवश्यक है । इस टीके से बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि कुछ जगह तो अभिभावक स्वयं अपने बच्चों को यह टीका लगवाने के लिए लेकर आ रहे हैं। लेकिन कुछ जगह पर अफवाहों के चलते अभिभावक अपने बच्चों के टीका लगाने से कतरा रहे हैं। ऐसे अभिभावक अपने बच्चों के सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ।जबकि उन अभिभावकों को चाहिए कि वह लोग स्वयं अपने बच्चों के टीका लगवाएं ताकि उनका बच्चा सुरक्षित रह सके। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस टीका अभियान को सफल बनाने के लिए सभी लोग आगे आएं और अपने 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को यह टीका अवश्य लगवाएं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पोलियो पर विजय पाई है उसी प्रकार मीजील्स रूबेला की बीमारी से भी बच्चों को मुक्ति दिलाई जाएगी लेकिन उसके लिए बच्चों को यह टीका लगवाना अति आवश्यक है ।उन्होंने कहा कि किसी को भी इस टीके से डरने की जरूरत नहीं है। जिला अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जिस बच्चे के टीका लगाया जाता है उन बच्चों को अपने पास कुछ देर तक रखा जाता है ताकि किसी प्रकार का कोई रिएक्शन हो तो वह उसका इलाज कर सकें। लेकिन अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है और ना ही कोई मामला ऐसा सामने आया है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस टीकाकरण से बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है इसलिए सभी लोग इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। जिला अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत तीन चरणों में काम किया जा रहा है पहले चरण में सरकारी व प्राइवेट स्कूल के बच्चों तथा दूसरे चरण में आंगनवाड़ी के बच्चों तथा तीसरे चरण में बचे हुए बच्चों को टीका लगाया जाएगा। उन्होंने बताया की इसका टीका एक ही बार लगाया जाता है और बीमार बच्चे को यह टीका नहीं लगाया जाता जब वह बच्चा सही हो जाएगा तो उस बच्चे को टीका लगाया जाएगा। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमाकांत पाण्डेय एस पी जौहरी मौजूद रहे।
आलोक गौड़

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