Friday, April 5, 2019

गौरवमयी इतिहास होने के बावजूद पिछड गया निषाद समाज

गौरवमयी इतिहास होने के बावजूद पिछड गया निषाद समाज



आलोक गौड फतेहपुर

फतेहपुर(चौडगरा)।चैत्र शुक्ल पंचमी को जन्मे #महाराजा #निषाद_राज_गुह्य ने भगवान श्री राम के वनगमन के समय मित्रता की अछ्वुत मिसाल प्रस्तुत किया था, इसका बखान रामायण सहित अन्य ग्रंथों में भी मिलता है। गौरवमयी इतिहास होने के बावजूद निषाद समाज पिछड़ गया, जिसे जागरूक व शिक्षित होने की जरूरत है।

उक्त बाते शुक्रवार को मलवा विकासखंड के  बोधिखेड़ा-भाऊपुर में  गुहराज निषादराज की जयंती मे कहा गया।निषाद राज की #जयँती धूमधाम के साथ मनाई गई।जिसमें निषाद समुदाय के लोगों ने  उनके तैलीय चित्र पर फूल माला चढ़ा कर के  उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से  भाऊपुर प्रधान मनीराम निषाद शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हमारी बिरादरी काफी पिछड़ी हुई है। हमें अपने अधिकारों के लिए एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने आह्वान किया कि उठो, जागो और महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लो। विशिष्ट अतिथि जगदीश निसाद ने कहा कि अगर किसी को मित्रता सीखना हो तो महाराजा गुहराज निषाद से सीखें।

समूदाय के लोगो को सम्बोधित करते हूए शिक्षक शुशील कुमार निसाद ने कहा सामाजिक समरसता के सजग प्रहरी थे निषादराज गुह। समाज के सभी लोगों में खुशी लाने के लिए उन्हाेंने अपनी पूरा जीवन कुर्बान कर दिया था।उन्होंने कहा कि स्वजातीय बंधु बांधवों के साथ समूचा समाज ही उनको प्रेरणा स्रोत मानता है।

 समारोह की अध्यक्षता एडवोकेट जगदीश निषाद ने किया वही कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्रधानाचार्य स्वयंबर सिंह ने किया इस मौके पर निषाद समुदाय के काफी संख्या में लोग एकत्रित रहे।

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