आलोक गौड, नई सोच समाचार।
चौडगरा-फतेहपुर(नई सोच)। पहले मौसम की मार अब लॉकडाउन ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल काटने के लिए मजदूर व यंत्र का अभाव हैं। फसल काटने के लिए दरांती व हसिया पर धार नहीं लग पा रही है। किसानों का कहना है कि यदि 8 से10 दिनों के बीच गेेहूं नहीं काटा गया तो नुकसान होगा। गेहूं इस वक्त पूरी तरह से पक चुका है।इसकी बाल झड़ने का खतरा भी बढ़ जाएगा।वहीं जो लोग दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा के साथ अन्य प्रदेशों में कार्य करते थे ये लोग लॉकडाउन के चलते गांव में आ गए हैं। यही लोग इस समय फसल की कटाई कर रहे है।वहीं यह सही तरीके से कटाई नहीं कर पा रहे है।इसके साथ ही जो फसल कट भी गई है। उसके लिए थ्रेसर नहीं मिल पा रहा। कटा हुआ गेहूं भी खेतों में पड़ा है।क्षेत्र मे दर्जनो गाव के किसान फसल कटाई शुरु तो कर दिया है किन्तु कार्य तेज गति से नही हो पा रहा है।
लेबर न मिल पाने के कारण परिवार के साथ ही कटाई करनी पड़ रही है। दरांती की कमी भी खल रही है। चौडगरा कस्बा में जिन दुकानों पर दरांती(हसिया) मिलती थी वह बंद है। लेबर अपने साथ लेकर आती थी।
अनूप सिंह किसान, जलाला
यह समय गेहूं की कटाई का है,लेकिन इस बार कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।गैर प्रदेशों में काम करने वाले जो लोग गांव वापस आ गए हैं।वहीं गेहूं की कटाई कर रहे हैं। जितनी तेजी से मजदूर काम करते हैं उस हिसाब से वह नहीं काट पाते।इस लिए दिक्कत आ रही है।
राजकुमार, पहुर
लॉकडाउन के कारण गेहूं की कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। पुलिस के डर से श्रमिक काम पर नहीं आ रहे। यदि समय से गेहूं नहीं काटा गया तो नुकसान हो जाएगा। क्योंकि गेहूं पूरी तरह से खेतों में पका खड़ा है। जो लेबर आ भी रही है, वह तेजी से काम नहीं कर रही।
अनिल, जलाला
लॉकडाउन के कारण गेहूं की कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। पहले 40 किलो गेहूं पर एक बीघा फसल काटने के लिए लेबर मिल जाती थी। लॉकडाउन के कारण एक बीघा फसल काटने के लिए 70 किलो गेहूं पर लेबर मिल रही है। लेबर महंगी होने के कारण कार्य रुका है।
राजन, साई
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