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Friday, April 24, 2020

चिड़िया रानी, यहां घर-घर में है दाना-पानी, चुग लो दाना पी लो पानी, फ‍िर सुनाओ मधुर कहानी...

परिंदो के लिये शीतल छाया मे दाना पानी रख रहे लोग
आलोक गौड़, नई सोच समाचार।
फतेहपुर 24 अप्रैल। लाकडाऊन मे सभी लोग घरो रहकर कुछ न कुछ कर रहे है ऐसे मे युवा विकास समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड द्वारा सभी से परिंदो के लिये दाना पानी रखने की अपील की जा रही है और इसका खासा असर भी दिखाई देने लगा है।बच्चे बड़े सभी परिंदों को बचाने के लिए खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं और दाना पानी रखकर के इस गर्मी में परिंदों को राहत पहुंचा रहे हैं।मुसाफ के शुभम अवस्थी कहते है की फेसबुक मे कई लोगो को ऐसा करते देखा था तो वह भी रोज दाना पानी रखने लगे।दरियापुर के मो.सईद अनवर कहते है अवाम को चाहिए की अपनी फिक्र के साथ परिंदो का भी ख्याल रखे उन्होने रोज दाना पानी रखने को अपना रूटीन बना लिया है।नीता गुप्ता(उपाध्यक्ष रोटी घर)अवंती बाई शाखा आवास विकास निवासी है कहती है शीतल छाया मे मिट्टी के कटोरे मे परिंदो को दाना पानी रखना उनके लिये सौभाग्य की बात है इससे उन्हे आत्मसुकून मिलता है।शिवम गुप्ता चौडगरा कहते है लाकडाउन मे घर मे है पढाइ के साथ छत मे रोज परिंदो को दाना पानी रख रहे है।नितिन मिश्रा बिन्दकी के है उन्होने अपने मित्रो से भी दाना पानी रखने को कहा है।इसी तरह कुलदीप साहू पैगम्बरपुर बिन्दकी के है अन्न्ना घूम रहे जानवरो को रोज पानी पिला रहे है।

Monday, April 13, 2020

फेसबुक पर लाईव आकर लोगों को जागरूक कर रहे आलोक गौड़

अपने फेसबुक पेज से लोगो को जागरूक करते आलोक गौड़
शिवम तिवारी, नई सोच समाचार।
चौडगरा/फतेहपुर 13 अप्रैल। पूरी दुनिया कोरोना के कहर से जूझ रही है। भारत में लॉकडाउन के चलते लोग घरों में कैद हैं।ऐसे में कई तरह की आशंकाओं के साथ दहशत का माहौल है। लोगों को इन सब आशंकाओं से उबारने और हौसला अफजाई के लिए युवा विकास समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड मैदान में हैं,लेकिन इस बार मैदान ऑनलाइन है।जी हा फेसबुक मे समय समय पर लाईव आकर वह लोगो को कोरोना वायरस से बचने के लिये जागरुक कर रहे है। मलवां ब्लाक के जलाला निवासी आलोक गौड समाजिक कार्यो मे निरंतर अग्रसर रहते है। कोरोना वायरस के चलते अब वह शोशल साइटस से लोगो को जागरुक करने की मुहिम चला रहे है। उन्होने लाकड़ाऊन के अब तक के समय मे कई बार लाईव आकर कहा है कि कोरोना से घबराना नहीं बल्कि सतर्कता बरतें। भीड़भाड़ में जाने से बचें,बार-बार हाथ धोएं। साथ ही सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।उनकी बातो का असर भी हुआ और फेसबुक मे जुडे सैकड़ो लोगो ने टिप्पणियाँ कर अपना समर्थन भी दिया है। समिति के प्रवक्ता आलोक गौड ने कहते है"इस समय न किसी मिल सकते है और न कही जा सकते है तब मैने फेसबुक को माध्यम बनाया और अपने दोस्तो के साथ लाईव आकर कोरोना से बचाव के लिये घर मे रहने की अपील और नियमो का पालन करने की विनती किया और काफी हद तक लोगो ने समर्थन दिया।"

Sunday, April 12, 2020

खेतों में पकी खड़ी फसल, काटने को नही मिल रहे यंत्र व जन

गेहूं की फसल काटते अन्नदाता

आलोक गौड, नई सोच समाचार।
चौडगरा-फतेहपुर(नई सोच)। पहले मौसम की मार अब लॉकडाउन ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल काटने के लिए मजदूर व यंत्र का अभाव हैं। फसल काटने के लिए दरांती व हसिया पर धार नहीं लग पा रही है। किसानों का कहना है कि यदि 8 से10 दिनों के बीच गेेहूं नहीं काटा गया तो नुकसान होगा। गेहूं इस वक्त पूरी तरह से पक चुका है।इसकी बाल झड़ने का खतरा भी बढ़ जाएगा।वहीं जो लोग दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा के साथ अन्य प्रदेशों में कार्य करते थे ये लोग लॉकडाउन के चलते गांव में आ गए हैं। यही लोग इस समय फसल की कटाई कर रहे है।वहीं यह सही तरीके से कटाई नहीं कर पा रहे है।इसके साथ ही जो फसल कट भी गई है। उसके लिए थ्रेसर नहीं मिल पा रहा। कटा हुआ गेहूं भी खेतों में पड़ा है।क्षेत्र मे दर्जनो गाव के किसान फसल कटाई शुरु तो कर दिया है किन्तु कार्य तेज गति से नही हो पा रहा है।

लेबर न मिल पाने के कारण परिवार के साथ ही कटाई करनी पड़ रही है। दरांती की कमी भी खल रही है। चौडगरा कस्बा में जिन दुकानों पर दरांती(हसिया) मिलती थी वह बंद है। लेबर अपने साथ लेकर आती थी। 
अनूप सिंह किसान, जलाला

यह समय गेहूं की कटाई का है,लेकिन इस बार कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।गैर प्रदेशों में काम करने वाले जो लोग गांव वापस आ गए हैं।वहीं गेहूं की कटाई कर रहे हैं। जितनी तेजी से मजदूर काम करते हैं उस हिसाब से वह नहीं काट पाते।इस लिए दिक्कत आ रही है।
राजकुमार, पहुर

लॉकडाउन के कारण गेहूं की कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। पुलिस के डर से श्रमिक काम पर नहीं आ रहे। यदि समय से गेहूं नहीं काटा गया तो नुकसान हो जाएगा। क्योंकि गेहूं पूरी तरह से खेतों में पका खड़ा है। जो लेबर आ भी रही है, वह तेजी से काम नहीं कर रही।
अनिल, जलाला

लॉकडाउन के कारण गेहूं की कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। पहले 40 किलो गेहूं पर एक बीघा फसल काटने के लिए लेबर मिल जाती थी। लॉकडाउन के कारण एक बीघा फसल काटने के लिए 70 किलो गेहूं पर लेबर मिल रही है। लेबर महंगी होने के कारण कार्य रुका है।
राजन, साई