लॉकडाउन ने शौक पर चढ़ी धूल को साफ करने का दिया मौका
आलोक गौड नई सोच
फतेहपुर।कोई चित्र बना रहा है तो किसी के हाथों में कागज कलम है। कोई गार्डनिग कर रहा है तो कोई रसोई मे हाथ अजमा रहे है वही कुछ लोग लैपटाप से फोटो,विडियो एडिट करना सीख रहे है,कोई साज पर हाथ आजमा रहा है तो बगीचे में गमलों को देखे हुए उन्हें सवारने से लेकर घर की सजावट में लगकर लोग लाकडाउन का समय काट रहे हैं।लाकडाऊन के कारण लोगों के खत्म हो चुके शौक फिर से जिंदा हो गए हैं।घर पर रहकर लोग अपने शौक को पूरा कर रहे हैं।लाकडाउन ने शौक पर चढ़ी धूल को साफ करने का यह मौका जैसे दे दिया है।
तैयार किए पाच गमले
अमौली निवासी पूर्व प्रधानाचार्य छेदालाल को गार्डनिंग का बहुत शौक है लाकडाउन मे इन्होने पांच नए गमले तैयार कर लिए हैं।घर के पीछे मिट्टी मे सब्जियो के बीज डाल दिये है।इन्हे भी तैयार कर रहे है।लाकडाउन ने गार्डनिंग के शौक को पूरा करने का मौका दे दिया है।
विडियो से कर रहे जागरुक
मोटीवेशनल स्पीकर एवं एक नेटवर्क मार्केटिंग कम्पनी से जुडे प्रकाशवीर आर्य इस समय घर मे है।रोज विभिन्न क्षेत्रो से जुडे लोगो के विडियो संदेश मगाकर एडिट करते है और यूट्यूब एवं फेसबुक से लोगो को जागरुक करने व लाकडाउन का पालन का संदेश देते है।कहते है विडियो बनाने का शौक था अब पूरा हो रहा है।
रसोई के बन रहे सरताज
भाकियू के रास्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान को जलेबी बनाने का शौक चढा है।कहते है रोज कुछ न कुछ बनाना सीख रहा हू जो जानता था वह तो बना लेता हू।पहले समय न मिलने से रसोई मे मदद न कर पाता था अब मै खुद व्यंजन तैयार कर लेता हू।
फोटोशाप सीख कर शौक किया पूरा
पारुल एक कार कम्पनी लखनऊ मे कार्यरत है।लाकड़ाउन के चलते घर मे है।फोटो एडिट करने का पहले मौका नही मिला।शौक था अच्छी फोटो बनाने का,इस समय पूरा समय मिला लैपटॉप मे फोटोशाप सीख रही है।
कागज मे उकेर रही चित्र
इमला,इनाया,इराका को इस समय पेंटिंग का शौक चढा है।अमौली कस्बे के निवासी तीनो बहने पेंटिंग के शौक को पढ़ाई के कारण पूरा नहीं कर पा रही थी।अब पूरा ध्यान वह अपने हुनर को निखारने में दे रही हैं।
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