शुद्ध हुई वायु,प्रकृति प्रेमियों ने पक्षियों के लिए दाना पानी की बनाई दिनचर्या
नई सोच समाचार
फतेहपुर।लाक डाउन में भले ही लोग घर में बंद है लेकिन वातावरण अनुकूल देखते ही गौरैया घर के आंगन में चहचहाती नजर आने लगी है।प्रकृति प्रेमियों ने भी अपने आंगन और छत पर पक्षियों के लिए दाना पानी का इंतजाम करना शुरू किया तो पक्षी नजर आने लगे।यही वजह है कि वर्तमान समय में सभी जीव जंतु पशु पक्षी शुद्ध हवा में प्रसन्न नजर आ रह।गौरैया नजर आने से लोगों के चेहरे पर खुशी भी है।आमतौर पर यह चिड़िया विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई है और कम ही दिखाई देती है।पेड़ पौधों पर भी पक्षियों के झुंड और गौरैया के झुंड दिख रहे है।
युवा विकास समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड़ के द्वारा विगत दिनों परिंदों को बचाने के लिए अपील की गई थी कि सभी लोग अपने छयो में परिंदों के लिए दाना पानी रखें जिसके बाद एकाएक कई लोगों ने इसे अपनी दिनचर्या में अपना लिया और नतीजतन आज के दौर में दुर्लभ पक्षियों में गिने जाने वाली गौरैया घर आंगन में फिर से फुदकती दिखाई देने लगी है सालों बाद इस तरह चिड़ियों की चहचहाहट लोगों के दिलों में काफी सुकून पहुंचा रही है।लोगों का मानना है कि प्रदूषण का स्तर गिरने के चलते पक्षियों को नया जीवनदान मिला है।हालांकि मोबाइल फोन टावर से पैदा विकिरण यानी रेडिएशन को गौरैया समेत अन्य पक्षियों के लिए भी सर्वाधिक नुकसान दे माना गया है।
मैंने अपनी छत में दाना पानी रखना शुरू किया है शांत वातावरण में शाम को जब गौरैया आती है और चहचहाती है तो अच्छा लगता है।
-संजय दत्त दिवेदी मलवा
वर्तमान समय में गौरैया कम ही दिख रही थी दाना पानी रखने से और प्रदूषण कम होने से विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई यह चिड़िया फिर से दिखाई देने लगी है।बाजरे के दाने और पानी रखता हू गौरैया रोज आ रही है।
-बिनोद यादव बसावनखेड़ा
सबको प्रकृति के नियमो का पालन करना चाहिए।घर मे गौरैया की ची ची करती मधुर ध्वनि आने लगी है रोज छत मे दाना पानी रखता हू तो चिडिया आगन तक आ जाती है।
-आकाश साहू बिन्दकी
No comments:
Post a Comment