
जलाला गांव स्थित नहर कोठी।
फतेहपुर। ब्रिटिश हुकूमत मे गुलजार रहने वाले मलवॉ विकास खंड के जलाला गॉव मे बनी नहर कोठी आज भूत बंगला बन गई है। खंडहर मे तब्दील जलाला नहर कोठी आज विरान पड़ी है जिसकी एक एक ईंट गायब हो रही है।खिडकिया दरवाज़े वर्षो पहले ही अराजकतत्व उखाड़ ले गये थे। ब्रिटिश शासन काल मे बनी नहर कोठी मे जिले के बड़े ओहददेदार आकर सप्ताह भर ठहरते थे और नहर कुलाबो से खेतो तक पानी पहुँचाने कि रणनीति बनाते थे किन्तु अब यह कोठी भूत बंगला बन कर रह गई है।ग्रामीण बताते है नहर इस कोठी के आसपास आम, जामुन, नीम, खिन्नी, आवले के दो दर्जन से अधिक पेड़ थे जो धीरे-धीरे ग़ायब से हो गये। गॉव के बुजुर्ग बडकू साहू, रामनारायण, सुखदेव सिंह आदि बताते है इस कोठी से घोडो कि टाप कि आवाज़ दूर तक सुनाई देती थी कोई भी ग्रामीण ऐसे कोठी मे जाने कि हिमाकत नहीँ करता था। बेलदार ही कोठी मे जाते थे। कोठी मे तारघर और घोडो के अस्तबल भी बने थे जहॉ घोडो को रखा जाता था।युवा विकास समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड ने बताया कि जलाला नहर कोठी ब्रिटिश हुकूमत मे बनी ऐतिहासिक धरोहर है और कि युवा पीढ़ी इन तमाम जानकारियो से परिचित हो इसके लिए इन्हे संरक्षित किये जाने कि आवश्यकता है।आलोक गौड का कहना है नहर कोठी कि ज़मीन मे यदि वृक्षारोपण कर अधिक छायादार फलदार पौध लगा संरक्षित किया जाये तो कोठी फिर से गुलजार और हरी भरी हो सकती है।
नयी सोच समाचार फतेहपुर/शिवम तिवारी आलोक गौड कि रिपोर्ट
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