फतेहपुर। बिन्दकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय हडकंप मच गया, जब बिना किसी सूचना के डीएम अनंजय कुमार निरिक्षण करने पहुँच गए| डीएम को देख स्वास्थ्य सेंटर पर मौजूद डॉक्टर और अन्य स्टाफ के हाँथ पाँव फूल गए। इस दौरान डीएम साहब ने सबसे पहले वहां शौचालय की व्यवस्था पर सवाल किया, जिसपर उन्हें कोई जबाब नहीं मिला, इसके बाद डीएम साहब का पारा तब और चढ़ गया जब उन्होंने वहां पड़े एक कार्टन में पैक दवा को देखा। इसी बीच एक मरीज के तीमारदार ने जिलाधिकारी से शिकायत किया कि उसे बाहर की दवाई चिकित्सक द्वारा लिखी गई है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट करते हुए चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दे दिया। दरअसल जिलाधिकारी अन्जनेय कुमार सिंह को तहसील दिवस में जाकर लोगों की शिकायत सुनना था। लेकिन तहसील दिवस में जाने के पहले अचानक जिला अधिकारी बिंदकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जा पहुचे। डीएम के निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के दिलावलपुर गांव निवासी शिव लखन ने शिकायत किया कि वह अपनी भाभी विजयलक्ष्मी का इलाज कराने आया था जिस पर मौजूद चिकित्सक राजेंद्र कुमार ने बाहर की दवाई लिख दिया और उसे बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवाई लाना पड़ा। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई और मौजूद सीएमओ से चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दे दिया। डीएम द्वारा डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देती ही सीएचसी के चिकित्सा व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदकी लंबे समय से अव्यवस्था का शिकार चल रहा है। जिसके चलते भारतीय किसान यूनियन भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहा है।
यही नहीं डीएम साहब ने निरिक्षण के दौरान दवा काउंटर को भी देखा जहां से मरीजों को दवा दी जाती है | वहा की स्थिति को भी देख डीएम साहब हैरान थे क्योकि वहा सभी दवा प्लास्टिक के गंदे डब्बों में राखी गयी थी। मगर डीएम साहब तब आग बबूला हो गए जब उन्होंने वहा पड़े एक कार्टन में दवाइयों को देखा। इसके बाद डीएम अनंजय कुमार ने वहां के स्थिति की जानकारी ली और फिर तहसील दिवस के लिए निकल गए।
नई सोच समाचार।आलोक गौड

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