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Saturday, March 9, 2019

गावो व शहरो के बीच भटकी युवा पीढी,वर्तमाँन मे विकास के परिदृश्य

गावो और शहरो के बीच खाई मे भटकी युवा पीढ़ी-आलोक गौड

समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड

फतेहपुर।‘युवा’ समाज का वह हिस्सा है,जिसके द्वारा किसी देश का भविष्य निर्मित होता है।उसकी उम्र के साथ-साथ उसकी आँखों में बड़े-बड़े सपनों की संख्या भी बढ़ती जाती है।इन्हीं सपनों की पूर्ति हेतु उसे जीवन में कई बार बड़े-बड़े जोखिम भी उठाने पड़ते हैं।संभव-असंभव के संशय त्यागने पड़ते हैं। ऐसे विचार युवा विकास समिति जिला प्रवक्ता आलोक गौड़ के हैं उन्होंने युवाओं  को जागरूक कर  सामाजिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए लगा रखा है सामाजिक संगठन युवा विकास समिति द्वारा निरंतर समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट भूमिका का निर्वाहन किया जा रहा है उन्होंने कहा स्वामी विवेकानंद जी का सुविचार है कि संभव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है,असंभव से भी आगे निकल जाना।उन्होंने देश के युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा था –युवाओं उठो, जागो और उदेश्य प्राप्ति के पहले मत रुको। विवेकानन्द जी के ये विचार देश की युवा पीढ़ी के लिए ही नहीं, अपितु राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाने वाले महापुरुषों के लिए भी प्रेरणास्रोत रहे हैं। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, आजाद, मदर टेरेसा, इंदिरा गांधी, कल्पना चावला, सानिया मिर्जा, पी.वी सिन्धु, गीता फोगाट तथा मानुषी छिल्लर आदि ने समाज को बेहतर बनाने और उसे नए शिखरों पर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वर्तमान भारत को ‘युवा भारत’ कहा जाता है, क्योंकि हमारे देश की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा युवा पीढ़ी ही है। जिसमें आधे से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। गाँव में रहने वाले युवाओं तथा शहरी युवा-वर्ग के बीच रहन-सहन, शिक्षा, परिवेश, क्षमता आदि सभी स्तरों पर बड़ा भारी अंतर दिखाई देता है। 13 से 35 वर्ष की उम्र वाली पीढ़ी यदि सुंदर चारित्रिक दृढ़ता, नैतिक मूल्यों, मानसिक, धार्मिक व आध्यात्मिक शक्तियों से परिपूर्ण होगी, तो नि:संदेह ही एक सुंदर-स्वस्थ तथा विकसित राष्ट्र की कल्पना की जा सकती है। लेकिन ग्रामीण और शहरी वर्गों में बंटा यह समाज असमानता की एक ऐसी धुरी पर टिका है। जहाँ गाँवों की स्थिति शहरों की तुलना में अधिक दयनीय है। ग्रामीण युवाओं को मूल्यरहित शिक्षा, बेरोजगारी, उचित मार्गदर्शन का अभाव, टेलीविजन/इंटरनेट की ग्लैमरस दुनिया के शार्टकट्स आदि ने भटकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। साथ ही गाँवों और शहरों के बीच पसरी खाई ने युवाओं में एक दुराव की स्थिति बना दी है। गांवों में बसने वाला जब शहरी वातावरण के रंग-ढंग जान लेता है तो वह वापिस गाँव लौटना नहीं चाहता। ऐसे में शहर में पला-बड़ा युवा गाँवों के विकास की सुध क्यूँ लेगा? शिक्षा की बुनियादी और व्यावहारिक उपयोगिता की स्थिति गाँवों के साथ-साथ शहरों में भी त्रस्त दिखाई देती है। इन युवाओं में नकारात्मकता का स्तर तेजी से बढ़ता जा रहा हैं, जिससे वे शीघ्र ही अपना संयम खो देते हैं। जल्दी से जल्दी उच्च पद, पैसा-शोहरत पाने के लिए गलत काम और शोर्टकट्स लेते हुए भी नहीं कतराते। ऐसी विपरीत परिस्थितियों के बीच फंसी युवाओं की बड़ी  संख्या गुमराह हो हिंसात्मक कार्यों, उपद्रवों, हड़तालों, अपराधों, नक्सलवाद, आतंकवाद आदि रास्तों पर निकल पड़ती है। जो किसी भी देश-समाज के लिए एक बड़े खतरे का कारण हैं। इस दिशाहीन विशेषकर गांवों में बसने वाली तथा पलायन से हताश युवा पीढ़ी को सही मार्ग पर लाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं? उन्हें बुनियादी व रोजगार युक्त शिक्षा देने के लिए कौन-सी योजनाएं बनाई गई हैं? गाँवों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए सरकार द्वारा क्या-क्या योजनाएं उपलब्ध कराई गई हैं, और किन योजनाओं का युवाओं ने सफलतापूवर्क उपयोग करके गांवों की स्थिति में सुधार किया है? गाँवों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु युवाओं ने क्या बड़े बदलाव किए हैं? किसानों की फसल से जुड़ी सरकारी सुविधा तथा नई तकनीकों के इस्तेमाल की जानकारी में युवा कैसे भूमिका निभा रहे हैं? युवा विकास समिति समाजसेवी संगठन के माध्यम से युवा कैसे ग्राम विकास की स्थिति में सुधार कर रहे हैं? साथ ही गाँवों की समस्याओं को लेकर युवाओं की सजग भागीदारी कितनी सफल रही है? गांवों में युवाओं का एक बड़ा तबका बेशक असुविधाओं एवं आर्थिक कमजोरी के कारण पीछे रह जाता हो, लेकिन उन्हीं में से कुछ होनहार ऐसे भी निकलते हैं जो अपने समाज ही नहीं, देश को भी गौरवान्वित करते हैं । युवा-युवा के बीच की खाई को पाटकर उन्हें जागरूक कर कैसे अपने संगठनों का हिस्सा बनाकर रोजगार के अवसर दे रहे हैं? आदि इन सभी प्रश्नों के माध्यम से मैनें ग्रामीण विकास में युवाओं की भूमिका आंकने का प्रयास किया है।

Sunday, March 3, 2019

हजारो भक्तो कि आस्था का केन्द्र है जलाला का बारादुआरी शिवमन्दिर

आलोक गौड/नई सोच फतेहपुर
बारादुआरी शिव मन्दिर की शिवलिंग-नई सोच आलोक गौड

आलोक गौड फतेहपुर
चौडगरा(फतेहपुर)।मलवॉ विकास खंड के जलाला गॉव के पास खजुहा रास्ते मे बारादुआरी शिवमन्दिर हजारो भक्तो कि आस्था का प्रमुख केन्द्र जहॉ भक्त अपनी मुराद पूरी होने पर चढावा चढाते है।महाशिवरात्रि मे यहॉ विशेष पूजा रूद्राभिसेक आदि कार्यक्रम होते है।भक्त दूर दराज से पहुँचकर भगवान शिव को जल चढाते है।पवित्र नदी गंगा का जल लाकर कावडिया भी यहॉ पहुँचते है और बम बम भोले के साथ जल चढाते है।
*निर्मल मन से कि गयी भक्ति से मिलता है फल*
आचार्य पण्डित राजेश अवस्थी ने बताया महाशिवरात्रि शिव भक्ति का दिन है सारे अवगुण त्याग कर सच्चे मन से आराधना करनी चाहिये तभी भक्त कि मनोकामना पूरी होती है।भगवान भाव के भूखे है और उनमे शिव भगवान को बेलपत्र धतूरा पंसद है शिव भगवान जल चढाने पर ही प्रसन्न होते है और भक्त कि इच्छाओ कि पूर्ति करते है।
*प्राचीन कुये का जल दिलाता है रोगो से मुक्ति*
बारादुआरी शिवमन्दिर मे प्राचीन कुआ है जिसमे बारहमास जल भरा रहता है, कहा जाता है कुये का जल मीठा है। निकलने वाले राहगीर यहॉ रूककर कुये के जल का पान करते है और इस जल को गंगा जल कि तरह बोतलो मे भरकर ले जाते है।कहा जाता है कुये के जल से रोगो से मुक्ति मिलती है।त्वचा रोगो मे इस कुये का जल प्रभाव डालता है और नियमित सेवन से रोगी स्वस्थ हो जाता है।

*मनोकामना पूरी होने पर होते है कार्यक्रम*
मन्दिर मे अक्सर भण्डारा रामायण भजन आदि होते रहते है किसी भी भक्त कि मनोकामना जब पूरी हो जाती है तो भक्त यहॉ राहगीरो को प्रसाद बाटते है शिव भगवान पर चढावा चढाते है।भक्त यहॉ मुण्डन संस्कार,छेदन संस्कार भी कराते है।
*जंगल से मन गया रमणीक स्थल*
बरसो पहले यहॉ घना जंगल था लोग यहॉ से निकलने मे डरते थे तब घूमते घूमते संतो का डेरा यहॉ रुका और साफ़ सफ़ाई कि कुछ ही समय मे जंगल मे कुटी बन गयी और लोगो का आना जाना शुरू हो गया भक्तो ने यहॉ मन्दिर बनवा दिया।मन्दिर मे एक तरफ़ संत विष्णु दत्त उर्फ कल्लू बाबा का आश्रम है आने वाले भक्त संत श्री के दर्शन करके ही जाते है।

*बारादुआरी मे है बूढ़ा बेर का विशाल वृक्ष*
मन्दिर कि सुदंरता पेड़ पौधो से है इस मंदिर मे सैकडो फूल के पौधे है आम,अमरूद,जामुन,कटहल के बड़े वृक्ष के साथ मन्दिर के बाहर बैर का विशाल वृक्ष है जिसे देखकर भक्त अनायास ही खिचे चले आते है और अपना समय वृक्ष कि सुंगधित वायु के बीच बैठकर बिताते है वृक्ष कि भी पूजा कि जाते है भक्त कहते है शिव भगवान को बेर पंसद है।
*बच्चो ने सम्भाल रखी है मन्दिर के साफ़ सफ़ाई कि व्यावस्था*
जलाला,अलीपुर गॉव के बच्चे सुबह पहुँचकर मन्दिर कि साफ़ सफ़ाई करते है गॉव के सुधीर,हर्ष गुप्ता,रीसू सैनी मुकेश,अभय सैनी मन्दिर कि साफ़ सफ़ाई कर वहॉ सुगंधित फूल तथा तुलसी कि क्यारी बना पौधे रोपित कर रखे है जो मन्दिर कि सुदंरता को बढाये है।

*आस्थावान रामजानकी पवनसुत के करते है दर्शन*
हवन पूजन के लिए बने कुण्ड के समीप रामजानकी पवनसुत हनुमान कि प्रतिमाये स्थापित है आने वाले भक्त यहॉ पूजा अर्चना करते है।यह मूर्तिया आकर्षण का केद्र है।
*कैसे पहुँचे बारादुआरी मन्दिर*
मन्दिर पहुँचने के लिए जिला मुख्यालय से चौडगरा चौराहे से बकेवर रोड एनएच 46मे पहुर गॉव से खजुहा रोड है एक किलोमीटर मे जलाला गॉव के बाहर मन्दिर है।
रेल द्वारा पहुँचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन बिन्दकी रोड है।

Wednesday, February 20, 2019

मिड-डे मील के बर्तनों में भविष्य धो रहे बच्चे

स्कूल के बच्चे बने मजदूर,सर्दी मे धो रहे बर्तन
   
स्कूल परिसर मे लगे हैण्डपम्प मे बर्तन धोते बच्चे

    आलोक गौड
  फतेहपुर। बच्चो की सेहत में इजाफा करने के मद्देनजर प्राइमरी  स्कूलों में मिड-डे मील दिया जाता है लेकिन इसी मिड-डे मील के बर्तन धोने में उनकी शिक्षा की सेहत बिगड़ती जा रही है।मलवा विकास खण्ड के ग्राम नूरपुर स्थित प्राथमिक स्कूल परिसर में बुधवार को बच्चे कक्षा में पढ़ाई करने की बजाय मिड-डे मील के भोजन रखने वाले बर्तन धोते नजर आए।कहने को यह काम स्कूल में पदस्थ भोजन बनाने वाले लोगों का है,लेकिन इसे बच्चों से कराया जा रहा है।इस स्कूल में इस तरह की गतिविधि पर आज तक किसी विभागीय अफसर की नजर नहीं पड़ी।जबकिं ग्राम के लोगों का कहना है कि हर दिन यह नजारा उन्हें ऐसे ही देखने को मिलता है।इस प्राथमिक विद्यालय मे कुल49बच्चे कक्षा एक से पाच तक रजिस्टर्ड है जिसमे बुधवार को 17बच्चे उपस्थित रहे।मिडडे मील मीनू मे तहरी परोसा गया।बच्चे खाने से पहले बर्तन धोया और फिर खाया।इस स्कूल की स्थिति बद से बदतर है। स्कूल में देश का भविष्य बर्तन धोने मे मस्त था वहीं शिक्षिकाये आराम फरमा रहे थी।न किसी को किसी अधिकारियों की परवाह न किसी का डर हर दिन की तरह बच्चों ने पहले बर्तन धोए और बाद में मध्यान्ह भोजन का आनंद लिया।जब प्रधानाध्य्पिका किरन से बात किया तो उन्होने बताया रसोइया नही धोती है तो बच्चे स्वयं धोते है।रसोइया कुशमा,और आशा ने कहा की इसमे क्या बुराई है बच्चे अपने खाने के बर्तन तो धो ही सकते है।जबकी शाशन ने यह व्यवस्था किया है की बच्चे बर्तन नही धुलेगे। फिलहाल समय के गर्त हुए इस घटनाक्रम पर एक ही स्लोगन लिखा जा सकता है कि बर्तन धोने स्कूल चले हम....।वहीं इस मामले में मलवा बीआरसी अनीता शाह का कहना है कि आपके द्वारा उक्त मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है मामले की जाँच करवाकर दोषी पाया जाने पर कार्यवाही की जायेगी ।

नहर पुल दे रहा हादसो को दावत

बजट के अभाव मे दो सालो से लटका पुल मरम्मतीकरण का कार्य     

पुल के दोनो ओर की टूटि रेलिंग


आलोक गौड/नई सोच
फतेहपुर।मलवा विकासखंड के शाहजहॉपुर बनियनखेडा संपर्क मार्ग पर बना निचली राम गंगा नहर पुल क्षतिग्रस्त है,दोनो ओर की रेलिग टूटी होने से हादसो को दावत दे रहा है। जिसकी शिकायत युवा विकास समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड ने आईजीआरएस के तहत जनसुनवाई पोर्टल पर किया था। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड फतेहपुर ने शिकायत का निस्तारण करते हुए बजट का अभाव बताया है। वही शाहजहॉपुर गांव के प्रधान दिनेश वर्मा ने जिले के सांसद और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री को एक कार्यक्रम में शिकायती पत्र दिया था। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने एक महीने के अंदर पुल के मरमतिकरण का कार्य पूरा कराए जाने का आश्वासन दिया था।आलोक गौड,सुनील,अरूण,पवन,महादेव आदि ने बताया पुल की दोनो ओर की रेलिग कइ वर्ष से टूटी है मरम्मत के अभाव मे पुल क्षतिग्रस्त हो गया।1965मे बना यह पुल बनियनखेडा और शाहजहपुर का सम्पर्क मार्ग है जिससे औंग तक जाया जा सकता है जिससे समय की बचत होती है।नही चौडगरा से औंग पहुचने मे काफी समय लगता है।ग्रामीणो ने बताया कारागार राज्यमंत्री जहानाबाद विधायक जय कुमार जैकी से भी शिकायत किया गया था किन्तु कोरे आश्वासन के अलावा कुछ हाशिल नही हुआ।                                                                                             
"यह पुल 56.469 पर स्थित है, पुल के पुनर्निर्माण का कार्य उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना फेस-2 में सम्मिलित है योजना में धन प्राप्त होने पर पुल का पुनर्निर्माण का कार्य पूरा कराया जाएगा।"       

 -निचली रामगंगा नहर सिचाई अधिशासी अभियंता वैभव सिंह

Tuesday, January 29, 2019

गरीबो को कम्बल बाट दी राहत

चौडगरा।फतेहपुर।मगलवार को कस्बे के रामखेलावन चौहान के आवास पर कम्बल वितरण कार्यक्रम हुआ।इस कार्यक्रम मे बिन्दकी विधायक करण पटेल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हूए।कंबल वितरण कार्यक्रम में 45 गरीब जरूरतमंदो को कंबल वितरित किए गए।मुख्य अतिथि विधायक ने कहा इस भीषण ठंड मे असहाय गरीबो को ठंड से निजात दिलाए जाने जैसा और पुण्य का कोई कार्य नहीं हो सकता।भूख से लोगो की जान नहीं जा सकती किन्तु ठंड से जान जाने मे देरी नहीं होती।वर्तमान समय मे चल रही भीषण ठंड मे गरीब असहाय लोगो को कम्बल प्रदान करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। गरीब जरूरतमंद महिलाओं ने कंबल पाकर के प्रसन्न नजर आई चंदा  नूरजहां  नानकी  प्रेमा  आदि तमाम महिलाओं ने उन्होंने विधायक के इस कार्य को सराहना किया दीपक सिंह चौहान विक्रम सिंह भदौरिया रंजित सिंह अरुण शुक्ला शैलेन्द्र सिंह बबलू चंदेल आदि उपस्थित रहे।
कस्बे मे कम्बल बाटते विधायक

शिवराजपुर नंदी गौशाला में पहुंचे 700 मवेशी,पंचायती राज अधिकारी ने किया निरीक्षण

ब्लाक स्तरीय गठित टीम ने गौशाला मे शुरु किया टैगिंग का काम


डीपीआरओ ने निरिक्षण कर पाया सही कार्य,प्रधान ने सम्भाल रखी है व्यवस्था 



500की जगह 700गोवंश पहुचने से हो रही समस्या को दूर करने के प्रयास शुरु

आलोक गौड फतेहपुर
चौडगरा/फतेहपुर29जनवरी।श्री गिरिधर गोपाल नंदी गौशाला शिवराजपुर में मानक से अधिक 700गौवंश पहुच गये है,जिन्हे सम्भालने के लिये प्रधान शिवराजपुर सूर्यपाल यादव ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी है।जिसका निरीक्षण करने के लिए मंगलवार को डीपीआरओ अजय आनंद सरोज पहुचे उन्होने यहा चारा पानी का कार्य सही पाये जाने पर संतोष जताया और आवश्यक निर्देश दिए कहा पशु बाहर न जा पाये।चारे की व्यवस्था बनाये रखे। ब्लॉक स्तरीय गठित कमेटी में पशु चिकित्साधिकारी मलवॉ डॉ अंकुर सचान, पशुचिकित्साधिकारी गोपालगंज स्नेह लता,पशुधन प्रसार अधिकारी संतोष शर्मा गौशाला में पशुओं की टैगिग व बधियाकरण के लिए गोवंश को चिन्हित करने पहुंचे।जहां उन्होंने बताया कि इस गौशाला में नर व मादा गोवंश भारी संख्या में पहुंचे हैं इनकी गिनती कर बधियाकरण एव टैगिन्ग का कार्य एक टीम बना करके किया जाएगा।जिससे अन्य गौशालाओं में यहां की गायों को भेजने से पहचान हो सके।गौशाला में केवल नर गोवंश बछड़ा ही रखे जाएंगे फिर भी किसान अधिक संख्या में पकड़कर के गोवंश को बाहर छोड़ जा रहे हैं जिन्हें अभी अंदर लिया जा रहा है।काफी पशु बाहर से खेतो मे भग गये जिन्हे पकडकर लाने मे मशक्कत करनी पडी।प्रधान ने काश्तकारों की समस्या ध्यान मे रखते हूए कहा है की अब यहा मादा गौवंश नही लिये जायेगे।फिर भी किसान पकड पकड कर बाहर छोड जा रहे है। इनके इलाज की भी व्यवस्था की गई है।जो पशु घायल हैं उन्हें चिन्हित करके उनका समुचित इलाज किया जा रहा है।

गौशाला मे पहुचे मवेशी
गौशाला मे बनाया गया तालाब 

मंगलवार को पशु चिकित्सकीय टीम ने अपना कार्य शुरु कर दिया।पूरे कार्य की व्यवस्था में लगे प्रधान शिवराजपुर सुर्यपाल यादव ने गौशाला के अंदर ही बनाए गए तालाब में पूरी तरीके से पानी भरवा दिया।जिससे पशुओं को पानी पीने में कोई दिक्कत नहीं होगी।गौशाला में 132 बीजी  ट्यूबवेल जो कि डेढ़ सौ मीटर गौशाला से है,उसमें 30 मीटर चौडा व गहराई 3 मीटर का नया तालाब बनाया गया है,पानी से लबालब भर दिया गया।चारे की व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी आंंजनेय कुमार सिंह के निर्देश पर बिन्दकी तहसीलदार प्रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से फसल उगा रहे किसानों को चिन्हित करके उनकी फसल जब्त कर हरे चारे के रूप में गौशालाओं के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।अभी गौशाला में केयरटेकर की नियुक्ति नहीं हुई है प्रधान ने बताया कि मादा गोवंश को अंदर नहीं लिया जाएगा।
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शिवराजपुर गौशाला एक नजर में
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श्री गिरिधर गोपाल नंदी गौशाला शिवराजपुर 25 बीघा 4 बिस्वा जमीन पर मनरेगा के तहत बनाया गया है।जिसमें 500 गोवंश के संरक्षण की व्यवस्था है। वर्तमान में 700 गोवंश पहुंच चुके हैं।पशु चिकित्सक मलवा की ब्लॉक स्तरीय टीम गठित की गई है।गौशाला के अंदर ही 3 मीटर गहरा 30 मीटर चौड़ा तालाब बनवाया गया है।जिसमें 132बीजी ट्यूबवेल के माध्यम से पानी प्रतिदिंन पानी भरा जा रहा है।ट्यूबवेल गौशाला से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर है।कच्ची नाली के द्वारा प्रतिदिन पानी भर दिया जाता है। गौशाला के चारों ओर कच्ची मेड़बंदी की गई है जिसमें 3 मीटर ऊंचाई पर मिट्टी की मेड बनाई गई है व ढाई मीटर गहरी खाई भी खोदी गई है जिससे कोई भी गोवंश बाहर नहीं जा पाएगा।इस गौशाला का निर्माण कार्य पिछ्ले तीन माह से चल रहा था।अभी तक पुआल व भूसा से गौवंश के चारे की व्यवस्था थी अब हरे चारे को उपलब्ध कराया जा रहा है।शाशन द्वारा आई धनराशि से गौशाला मे अन्य व्यवस्थाये करने मे मदद मिलेगी।

Sunday, January 20, 2019

मन कि बात ने पीएम से मिलया,कुंभ मेला मे सीएम से मिलने की इच्छा



(आलोक गौड)
फतेहपुर।लगन हो तो इच्छा जरुर पूरी होती है,जब मन में कुछ करने का विचार हो तो बड़ी से बड़ी बाधाएं भी दूर हो जाते हैं और इच्छा तब पूरी होती है जब हम मेहनत पर विस्वास करते है और कुछ नया करते है। ऐसे ही वाक्यो को चरितार्थ किया  मलवा ब्लाक के यादगारपुर गाव निवासी रूपनारायण सिंह चौहान ने।प्रधानमंत्री से मिलने के बाद अब वह मुख्यमंत्री योगी से मिलना चाहते हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गीता भेंट करने के लिये मेहनत कर रहे है।बताया कि प्रधानमंत्री से 2 जनवरी 2018 में मिल कर के वह 151 फीट का बधाई पत्र दिया था योगी आदित्यनाथ को अपने लिखी हुई गीता कुंभ मेले में देना चाहते हैं जिसके लिए निरंतर मेहनत कर रहे हैं।


4- 4 घंटे मेहनत करके शब्दों को कागज पर उकेर रहे हैं रूपनारायण

गीता लिख रहे रूप नारायण सिंह ने बताया कि वह दिन में 4 घंटे तक गीता लिखते हैं और इसके लिए मैं काफी मेहनत भी कर रहे हैं तथा इसका खर्चा भी आ रहा है।बताया कि मोटे कागज में और रंगीन कलम से वह सुंदर शब्द उकेर रहे हैं जो बिल्कुल छपाई की तरीके नजर आता है जब इसका राज पूछा गया इतना सुंदर आप कैसे लिखते हैं तो उन्होंने बताया इसके लिए हम काफी समय से मेहनत कर रहे हैं और एक एक शब्द को लिखने में काफी समय लगता है जिसके लिए हम अपने काम से भी विरत रहे हैं। 12 प्रकार के रंगो के कलम जिसमें भगवा रंग के कलम का अधिक प्रयोग कर रहे हैं यह भी एक से 51 मीटर से अधिक लंबा बनेगा जिसमें चार्ट वाले मोटे कागज का प्रयोग किया जा रहा है उन्होंने बताया कि संस्कृत भाषा उन्हें फ्री है और गीता से रूचि है गीता का अध्ययन भी करते हैं जिसके कारण उनको कोई समस्या नहीं हो रही है।संस्कृत शब्द लिस्ट भाषा में आते हैं फिर भी इतना सुंदर लिख रहे हैं जिसकी प्रशंसा होती है लिखी हुई गीता को देखने के बाद ऐसा नहीं लगता है जैसे छापा गया हो उन्होंने बताया कि इसमें किनारे पर सितारे और सजावटी वस्तुएं भी लगाई जाएंगी जिसके बाद गीता आकर्षण रूप ले लेगी बताया कि इसके लिखने के तैयार होने के बाद इस को सजाया जाएगा और किनारों पर हरे रामा हरे कृष्णा भी लिखा जाएगा जिसके लिए अभी समय लगेगा।

प्रधानमंत्री को दिया था 151 फीट का बधाई पत्र

रूपनारायण सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री और जिले के सांसद साध्वी निरंजन ज्योति के प्रयास से वह अपने मुकाम तक पहुंचे और जब मन की बात को रेडियो से सुना तो इच्छा थी कि प्रधानमंत्री जी से मिले इसके लिए उन्होंने अपने विचार से बधाई पत्र लिख डाला जिसमें 50000 खर्च आया था और 7 से 8 घंटे मेहनत करके 151 फीट का बधाई पत्र लिखा था बताया 2 जनवरी 2018 को संसद भवन में प्रधानमंत्री जी से 18 मिनट की वार्तालाप पर उनको बधाई पत्र सौंपा था 12:40 में दिन में हम संसद भवन में प्रधानमंत्री के साथ अपने आपको पाकर के आश्चर्यचकित थे प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी पीठ पीठ थपथपा आई थी और वह भावुक हो गए थे उन्होंने कहा कि आप बहुत मेहनत कर रहे हैं।

गीता लिखने का विचार कैसे आया

प्रधानमंत्री को 151 फीट का बधाई पत्र देने के बाद रूप नारायण सिंह चौहान के मन में गीता लिखने का विचार कैसे आया तो उन्होंने बताया कि जब कुंभ मेले की तैयारियां चल रही थी तो इस दिव्य अलौकिक आध्यात्मिक सांस्कृतिक कुंभ से पूरा देश ही नहीं देश दुनिया तक आस्था का संगम जो मरता है उसको हर कोई अपने-अपने तरीके से अभिव्यक्त करता है उन्होंने कहा कि मैं भी इस कुंभ की तैयारियों को समाचार पत्रों के माध्यम से पढ़ कर के बहुत प्रभावित हूं और इस बार इसकी तैयारियां और जो दिव्य और भव्य कुंभ नाम दिया गया यह मेरे मन में विचार उमड़ आया और मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने के लिए गीता लिख रहा हूं अभी 15 में अध्याय में हूं और संस्कृत भाषा बहुत ही कठिन भाषा है लिखने में जिसके कारण इसमें समय लग रहा है 25 दिसंबर से मैं लगातार समय निकालकर के चार-चार घंटे तक लगा रहता हूं और गीता लिखता हूं और फरवरी के पहले सप्ताह तक मेरा प्रयास है कि गीता पूरी हो जाएगी तो हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कुंभ में गीता देना चाहते हैं जिसके लिए हम माननीय सांसद केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मिलने के लिए प्रयासरत है।

साधारण परिवार से आते हैं रूप नारायण सिंह चौहान

मलवॉ विकासखंड के यादगारपुर  निवासी रूप नारायण सिंह चौहान दसवीं पास में और चाय की दुकान चलाते हैं तथा किराए पर ढाबा का संचालन करते हैं साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले रूप नारायण सिंह चौहान जब मन की बात को रेडियो पर सुना तो वह जनकल्याणकारी और लोक हितकारी योजनाओं के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए इच्छुक हो गए और वह सपना उनका पूरा भी हुआ योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए और उन्हें अपने लिखी हुई गीता कुश ऑफ करके वह कुंभ मेले के भव्यता का बधाई देना चाहते हैं।

 नहीं है बैंक खाता

रूप नारायण सिंह चौहान ने आलोक गौड़  से बात करते हुए बताया कि उनका किसी भी बैंक में अब तक कोई भी बैंक खाता नहीं है, जितनी भी उनकी आय होती है चाय की दुकान से किराए के ढाबा से वह उनके परिवारिक खर्च में व्यय हो जाती है जिसके कारण उन्हें खाता खुला ने कि आज तक कोई आवश्यकता नहीं हुई। जब उनसे पूछा गया कि जन धन योजना के अंतर्गत आपने खाता क्यों नहीं खुलवाया क्योंकि आप तो पीएम को पसंद करते हैं तो उन्होंने कहा कि जब मेरे पास पैसा ही नहीं है तो मैं खाता खुलवा कर क्या करूंगा।

रूपनारायण सिंह चौहान ने बताया कि वह कुछ नया करने की हमेशा सोचते रहते हैं और लिखने में उनकी रुचि है गीता से उनको अथाह प्रेम है गीता ऐसा ग्रंथ है जो जीवन के सार को बताता है इसलिए उन्होंने गीता लिख कर के ही कुंभ मेले में देने का संकल्प लिया और संकल्प से उन्हें सिद्धि मिलेगी क्योंकि इससे पहले वह प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और अब मुख्यमंत्री से मिलना का उनका सपना भी पूरा होगा ऐसी आस लेकर के वह बहुत ही जल्द गीता लिखकर के कुंभ मेले में मुख्यमंत्री को सौंपना चाहते हैं।
आलोक गौड से हुई बातचीत पर आधारित समाचार

Tuesday, July 17, 2018

डीएम के औचक निरीक्षण से मचा हंडकंप।


फतेहपुर। बिन्दकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय हडकंप मच गया, जब बिना किसी सूचना के डीएम अनंजय कुमार निरिक्षण करने पहुँच गए| डीएम को देख स्वास्थ्य सेंटर पर मौजूद डॉक्टर और अन्य स्टाफ के हाँथ पाँव फूल गए। इस दौरान डीएम साहब ने सबसे पहले वहां शौचालय की व्यवस्था पर सवाल किया, जिसपर उन्हें कोई जबाब नहीं मिला, इसके बाद डीएम साहब का पारा तब और चढ़ गया जब उन्होंने वहां पड़े एक कार्टन में पैक दवा को देखा। इसी बीच एक मरीज के तीमारदार ने जिलाधिकारी से शिकायत किया कि उसे बाहर की दवाई चिकित्सक द्वारा लिखी गई है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट करते हुए चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दे दिया। दरअसल जिलाधिकारी अन्जनेय कुमार सिंह को तहसील दिवस में जाकर लोगों की शिकायत सुनना था। लेकिन तहसील दिवस में जाने के पहले अचानक जिला अधिकारी बिंदकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जा पहुचे। डीएम के निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के दिलावलपुर गांव निवासी शिव लखन ने शिकायत किया कि वह अपनी भाभी विजयलक्ष्मी का इलाज कराने आया था जिस पर मौजूद चिकित्सक राजेंद्र कुमार ने बाहर की दवाई लिख दिया और उसे बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवाई लाना पड़ा। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई और मौजूद सीएमओ से चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दे दिया। डीएम द्वारा डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देती ही सीएचसी के चिकित्सा व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदकी लंबे समय से अव्यवस्था का शिकार चल रहा है। जिसके चलते भारतीय किसान यूनियन भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहा है।
     यही  नहीं डीएम साहब ने निरिक्षण के दौरान दवा काउंटर को भी देखा जहां से मरीजों को दवा दी जाती है | वहा की स्थिति को भी देख डीएम साहब हैरान थे क्योकि वहा सभी दवा प्लास्टिक के गंदे डब्बों में राखी गयी थी। मगर डीएम साहब तब आग बबूला हो गए जब उन्होंने वहा पड़े एक कार्टन में दवाइयों को देखा। इसके बाद डीएम अनंजय कुमार ने वहां के स्थिति की जानकारी ली और फिर तहसील दिवस के लिए निकल गए। 
   नई सोच समाचार।आलोक गौड

Monday, July 16, 2018

हज यात्रा।



फतेहपुर। खजुहा से हज यात्रा मे जाने वाले लोगो से मिलकर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयालु गुप्ता ने सुखद यात्रा कि कामना किया। खजुहा निवासी जनाब हसरत अली जनाब इमाम अली हज मुकद्दस के लिए रवाना हुये।इस मौक़े पर नूर मोहम्मद निजामी आबीद अली ओम यादव धर्मवीर यादव मनोज सोनकर महगू निसाद सुमित यादव रहे। 
  नई सोच समाचार। आलोक गौड

Saturday, July 7, 2018

ट्रक ने मारी टक्कर 2 लोगों की हादसे में दर्दनाक मौत।

घटना स्थल पर इकत्र लोग
फतेहपुर। बिन्दकी कोतवाली क्षेत्र के भवानीपुर चौराहे में ट्रक ने जोरदार मारी टक्कर जिस से 2 लोगों हादसे में दर्दनाक हुई मौत। ट्रक बिंदकी क्षेत्र से आ रहा था। ट्रक के चालक नशे में होने के कारण अपनी दिशा से अनियंत्रित हो गया। जिससे दो लोगों की मृत्यु हो गई जिसमें कि राम किशोर गुप्ता पुत्र स्वर्गीय कल्लू प्रसाद उम्र 56 वर्ष तथा मुन्नी देवी पत्नी राम किशोर गुप्ता उम्र 54 वर्ष निवासी भवानीपुर हैं। जो कि इनकी दुकान 40 वर्ष से भवानीपुर कस्बे खुशी स्वीट हाउस एवं कोल्ड ड्रिंक शॉप के नाम से स्थित है। जो कि दुकान में तीन लोग सो रहे थे। जिनमें से राम किशोर गुप्ता तथा उनकी पत्नी मुन्नी देवी हादसे का शिकार हो गई तथा दोनों लोगों की मृत्यु हो गई और बड़े लड़के मनोज गुप्ता की सबसे छोटी लड़की अपने दादी के साथ सो रही थी। जो कि गंभीर रूप से घायल हो गयी।
       नई सोच । आलोक गौड़