Friday, December 14, 2018

नहर विभाग की जलाला कोठी को विभाग ने बताया निस्प्रयोज्य:अधिशाषी अभियंता

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 फतेहपुर।मलवा विकास खण्ड के जलाला गाव मे बनी नहर कोठी निस्प्रयोज्य है इसकी मरम्मत नही कराया जा सकता पुरानी होने के कारण विभाग ने इसे बेकार घोसित कर दिया है।यह जानकारी तब हुई जब जलाला निवासी व युवा विकास समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड़ ने जनसुनवाई मे शिकायत कर जलाला नहर कोठी को ग्रीन बेल्ट के रूप मे विकसित करने की माग किया।कोठी के संबंध में कई वर्षों से ग्रीन बेल्ट बनाने के लिये लगातार आवाज उठा रहे युवा विकास समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड़ ने मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल में आई जी आर एस के तहत शिकायत करके जलाला नहर कोठी के संबंध में विभागीय अधिकारियों से अनदेखी और दुर्दशा की शिकार कोठी के बारे मे जानकारी मागा व इसके संरक्षण के लिए ग्रीन बेल्ट बनाने के लिए मांग किया।लेकिन नहर विभाग निचली रामगंगा नहर के फतेहपुर प्रखण्ड के सिचाई अधिशासी अभियंता वैभव आनंद ने शिकायत का निस्तारण करते हुए उन्होंने बताया कि नहर कोठियों की दीन दशा हो जाने के कारण इनकी मरम्मतीकरण का कार्य नहीं कराया जा सकता है।जलाला नहर कोठी काफी पुरानी है,विभाग द्वारा इसे निष्प्रयोज्य घोसित कर दिया गया हैं।ठीक इसी हाल में छोड़ दिया जाएगा।समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड़ ने बताया की कोठी के मरमतिकरण की मांग मैंने कभी नहीं की है वहां पर मरमतिकरण नहीं हो सकता है क्योंकि कोठी तो खंडहर बन गई है , मरम्मत करके सुंदरीकरण तो नहीं किया जा सकता है,लेकिन खाली पड़ी जमीन में अगर ग्रीन बेल्ट के तौर पर वहां पर पौधरोपण कर के पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम उठाया जाता है तो बेहतर होगा।इस तरीके से अधिकारियों का अनदेखी करना धीरे-धीरे लोग उस जमीन पर भी कब्जा करने के लिए आगे आ जाएंगे।इसलिए प्रशासन को दखल देकर के पौध रोपण करना चाहिए। जिससे पर्यावरण संरक्षण भी हो सके।


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