150बच्चो को लगाया गया खसरा रुबैला का टीका
फतेहपुर8दिसम्बर(नयी सोच)।मलवॉ विकासखंड के हरसिंहपुर स्थित शिव गोपाल गुप्त इंटर कॉलेज में खसरा रूबेला का टीकाकरण किया गया। खसरा रूबेला का टीकाकरण शिवगोपाल गुप्ता इंटर कॉलेज में हुआ जिसमें विद्यालय के 150 बच्चों के टीकाकरण प्रभारी चिकित्साधिकारी गोपालगंज डॉ विपुल शुक्ला व डॉ जावेद तथा डॉ बी के गोस्वामी तथा एएनएम माया शुक्ला ने किया।जिन बच्चों का टीकाकरण हुआ उन्हें प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मीजल्स-रूबेला जैसे जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए सरकार सभी बच्चों को मुफ्त में वैक्सीन दे रही है।जिससे वायरस के दुष्परिणाम से बचा जा सके।बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार ने खसरा और रूबेला जैसी गंभीर के लिए महाअभियान की शुरुआत की है। पोलियो मुक्त भारत की तरह भारत सरकार अब खसरा मुक्त भारत के लक्ष्य पर काम कर रही है।2020 तक भारत को खसरा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
*क्या हैं खसरा व रूबेला*
खसरा को आम तौर पर छोटी माता के नाम से भी जाना जाता है। यह अत्यधिक संक्रामक होता है।संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से यह बीमारी फैलती है। इसमें निमोनिया, डायरिया व दिमागी बुखार होने की संभावना बढ़ जाती है।चेहरे पर गुलाबी-लाल चकत्ते, तेज बुखार, खांसी, नाक बहना व आंखें लाल होना मर्ज के लक्षण हैं। रूबेला गर्भावस्था के दौरान होने वाला संक्रमण है।यह नवजात शिशुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
*टीकाकरण से रोकथाम संभव*
मीजल्स-रूबेला वायरस गंभीर और जानलेवा बीमारी होती है।लेकिन इसकी रोकथाम टीकाकरण के जरिए की जा सकती है। यह वैक्सीन बच्चों को तीन बीमारियों खसरा, गलगंड (मंप्स) और रूबेला रोग से बचाता है।
आलोक गौड़
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| बच्चों का टीकाकरण करते डॉक्टर |
फतेहपुर8दिसम्बर(नयी सोच)।मलवॉ विकासखंड के हरसिंहपुर स्थित शिव गोपाल गुप्त इंटर कॉलेज में खसरा रूबेला का टीकाकरण किया गया। खसरा रूबेला का टीकाकरण शिवगोपाल गुप्ता इंटर कॉलेज में हुआ जिसमें विद्यालय के 150 बच्चों के टीकाकरण प्रभारी चिकित्साधिकारी गोपालगंज डॉ विपुल शुक्ला व डॉ जावेद तथा डॉ बी के गोस्वामी तथा एएनएम माया शुक्ला ने किया।जिन बच्चों का टीकाकरण हुआ उन्हें प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मीजल्स-रूबेला जैसे जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए सरकार सभी बच्चों को मुफ्त में वैक्सीन दे रही है।जिससे वायरस के दुष्परिणाम से बचा जा सके।बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार ने खसरा और रूबेला जैसी गंभीर के लिए महाअभियान की शुरुआत की है। पोलियो मुक्त भारत की तरह भारत सरकार अब खसरा मुक्त भारत के लक्ष्य पर काम कर रही है।2020 तक भारत को खसरा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
*क्या हैं खसरा व रूबेला*
खसरा को आम तौर पर छोटी माता के नाम से भी जाना जाता है। यह अत्यधिक संक्रामक होता है।संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से यह बीमारी फैलती है। इसमें निमोनिया, डायरिया व दिमागी बुखार होने की संभावना बढ़ जाती है।चेहरे पर गुलाबी-लाल चकत्ते, तेज बुखार, खांसी, नाक बहना व आंखें लाल होना मर्ज के लक्षण हैं। रूबेला गर्भावस्था के दौरान होने वाला संक्रमण है।यह नवजात शिशुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
*टीकाकरण से रोकथाम संभव*
मीजल्स-रूबेला वायरस गंभीर और जानलेवा बीमारी होती है।लेकिन इसकी रोकथाम टीकाकरण के जरिए की जा सकती है। यह वैक्सीन बच्चों को तीन बीमारियों खसरा, गलगंड (मंप्स) और रूबेला रोग से बचाता है।
आलोक गौड़

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