(आलोक गौड)
फतेहपुर।लगन हो तो इच्छा जरुर पूरी होती है,जब मन में कुछ करने का विचार हो तो बड़ी से बड़ी बाधाएं भी दूर हो जाते हैं और इच्छा तब पूरी होती है जब हम मेहनत पर विस्वास करते है और कुछ नया करते है। ऐसे ही वाक्यो को चरितार्थ किया मलवा ब्लाक के यादगारपुर गाव निवासी रूपनारायण सिंह चौहान ने।प्रधानमंत्री से मिलने के बाद अब वह मुख्यमंत्री योगी से मिलना चाहते हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गीता भेंट करने के लिये मेहनत कर रहे है।बताया कि प्रधानमंत्री से 2 जनवरी 2018 में मिल कर के वह 151 फीट का बधाई पत्र दिया था योगी आदित्यनाथ को अपने लिखी हुई गीता कुंभ मेले में देना चाहते हैं जिसके लिए निरंतर मेहनत कर रहे हैं।
4- 4 घंटे मेहनत करके शब्दों को कागज पर उकेर रहे हैं रूपनारायण
गीता लिख रहे रूप नारायण सिंह ने बताया कि वह दिन में 4 घंटे तक गीता लिखते हैं और इसके लिए मैं काफी मेहनत भी कर रहे हैं तथा इसका खर्चा भी आ रहा है।बताया कि मोटे कागज में और रंगीन कलम से वह सुंदर शब्द उकेर रहे हैं जो बिल्कुल छपाई की तरीके नजर आता है जब इसका राज पूछा गया इतना सुंदर आप कैसे लिखते हैं तो उन्होंने बताया इसके लिए हम काफी समय से मेहनत कर रहे हैं और एक एक शब्द को लिखने में काफी समय लगता है जिसके लिए हम अपने काम से भी विरत रहे हैं। 12 प्रकार के रंगो के कलम जिसमें भगवा रंग के कलम का अधिक प्रयोग कर रहे हैं यह भी एक से 51 मीटर से अधिक लंबा बनेगा जिसमें चार्ट वाले मोटे कागज का प्रयोग किया जा रहा है उन्होंने बताया कि संस्कृत भाषा उन्हें फ्री है और गीता से रूचि है गीता का अध्ययन भी करते हैं जिसके कारण उनको कोई समस्या नहीं हो रही है।संस्कृत शब्द लिस्ट भाषा में आते हैं फिर भी इतना सुंदर लिख रहे हैं जिसकी प्रशंसा होती है लिखी हुई गीता को देखने के बाद ऐसा नहीं लगता है जैसे छापा गया हो उन्होंने बताया कि इसमें किनारे पर सितारे और सजावटी वस्तुएं भी लगाई जाएंगी जिसके बाद गीता आकर्षण रूप ले लेगी बताया कि इसके लिखने के तैयार होने के बाद इस को सजाया जाएगा और किनारों पर हरे रामा हरे कृष्णा भी लिखा जाएगा जिसके लिए अभी समय लगेगा।
प्रधानमंत्री को दिया था 151 फीट का बधाई पत्र
रूपनारायण सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री और जिले के सांसद साध्वी निरंजन ज्योति के प्रयास से वह अपने मुकाम तक पहुंचे और जब मन की बात को रेडियो से सुना तो इच्छा थी कि प्रधानमंत्री जी से मिले इसके लिए उन्होंने अपने विचार से बधाई पत्र लिख डाला जिसमें 50000 खर्च आया था और 7 से 8 घंटे मेहनत करके 151 फीट का बधाई पत्र लिखा था बताया 2 जनवरी 2018 को संसद भवन में प्रधानमंत्री जी से 18 मिनट की वार्तालाप पर उनको बधाई पत्र सौंपा था 12:40 में दिन में हम संसद भवन में प्रधानमंत्री के साथ अपने आपको पाकर के आश्चर्यचकित थे प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी पीठ पीठ थपथपा आई थी और वह भावुक हो गए थे उन्होंने कहा कि आप बहुत मेहनत कर रहे हैं।
गीता लिखने का विचार कैसे आया
प्रधानमंत्री को 151 फीट का बधाई पत्र देने के बाद रूप नारायण सिंह चौहान के मन में गीता लिखने का विचार कैसे आया तो उन्होंने बताया कि जब कुंभ मेले की तैयारियां चल रही थी तो इस दिव्य अलौकिक आध्यात्मिक सांस्कृतिक कुंभ से पूरा देश ही नहीं देश दुनिया तक आस्था का संगम जो मरता है उसको हर कोई अपने-अपने तरीके से अभिव्यक्त करता है उन्होंने कहा कि मैं भी इस कुंभ की तैयारियों को समाचार पत्रों के माध्यम से पढ़ कर के बहुत प्रभावित हूं और इस बार इसकी तैयारियां और जो दिव्य और भव्य कुंभ नाम दिया गया यह मेरे मन में विचार उमड़ आया और मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने के लिए गीता लिख रहा हूं अभी 15 में अध्याय में हूं और संस्कृत भाषा बहुत ही कठिन भाषा है लिखने में जिसके कारण इसमें समय लग रहा है 25 दिसंबर से मैं लगातार समय निकालकर के चार-चार घंटे तक लगा रहता हूं और गीता लिखता हूं और फरवरी के पहले सप्ताह तक मेरा प्रयास है कि गीता पूरी हो जाएगी तो हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कुंभ में गीता देना चाहते हैं जिसके लिए हम माननीय सांसद केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मिलने के लिए प्रयासरत है।
साधारण परिवार से आते हैं रूप नारायण सिंह चौहान
मलवॉ विकासखंड के यादगारपुर निवासी रूप नारायण सिंह चौहान दसवीं पास में और चाय की दुकान चलाते हैं तथा किराए पर ढाबा का संचालन करते हैं साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले रूप नारायण सिंह चौहान जब मन की बात को रेडियो पर सुना तो वह जनकल्याणकारी और लोक हितकारी योजनाओं के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए इच्छुक हो गए और वह सपना उनका पूरा भी हुआ योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए और उन्हें अपने लिखी हुई गीता कुश ऑफ करके वह कुंभ मेले के भव्यता का बधाई देना चाहते हैं।
नहीं है बैंक खाता
रूप नारायण सिंह चौहान ने आलोक गौड़ से बात करते हुए बताया कि उनका किसी भी बैंक में अब तक कोई भी बैंक खाता नहीं है, जितनी भी उनकी आय होती है चाय की दुकान से किराए के ढाबा से वह उनके परिवारिक खर्च में व्यय हो जाती है जिसके कारण उन्हें खाता खुला ने कि आज तक कोई आवश्यकता नहीं हुई। जब उनसे पूछा गया कि जन धन योजना के अंतर्गत आपने खाता क्यों नहीं खुलवाया क्योंकि आप तो पीएम को पसंद करते हैं तो उन्होंने कहा कि जब मेरे पास पैसा ही नहीं है तो मैं खाता खुलवा कर क्या करूंगा।
रूपनारायण सिंह चौहान ने बताया कि वह कुछ नया करने की हमेशा सोचते रहते हैं और लिखने में उनकी रुचि है गीता से उनको अथाह प्रेम है गीता ऐसा ग्रंथ है जो जीवन के सार को बताता है इसलिए उन्होंने गीता लिख कर के ही कुंभ मेले में देने का संकल्प लिया और संकल्प से उन्हें सिद्धि मिलेगी क्योंकि इससे पहले वह प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और अब मुख्यमंत्री से मिलना का उनका सपना भी पूरा होगा ऐसी आस लेकर के वह बहुत ही जल्द गीता लिखकर के कुंभ मेले में मुख्यमंत्री को सौंपना चाहते हैं।
आलोक गौड से हुई बातचीत पर आधारित समाचार




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