Sunday, October 20, 2019

माता पिता की सेवा मे ही चारो धाम का पुण्य-आचार्य

भागवत कथा का दूसरा दिवस
=====================
आलोक गौड/नई सोच
फतेहपुर।विकास खण्ड अमौली के ग्राम डिघरूवा के श्री बाँके बिहारी मन्दिर में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिवस वृन्दावन धाम से पधारे कथा व्यास राघव जी महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से व्यक्ती का उद्धार नही हो सकता।अपितु सुनने के साथ अमल कर अपनी जीवन शैली में उतारने की जरूरत है।

कथा सुनाते आचार्य राघव जी

भागवताचार्य ने गोकर्ण महाराज धुँधली और धुँधकारी के रोचक प्रसंग सुनाए।भगवान के विभिन्न अवतारों के प्रश्नों के बारे में चर्चा की।उन्होंने माता पिता की सेवा की विस्तार से चर्चा की।कहा माता पिता के सेवा में परमात्मा प्रसन्न होने का भेद छिपा होता है।चारो धाम का पुण्य फ़ल माता पिता की सेवा मे ही मिल सकता है।माता पिता की सेवा से परमात्मा को प्रसन्न किया जा सकता है।इसे सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए|भजन,गीत व संगीत पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे।परीक्षित राजेश अवस्थी अपनी धर्मपत्नी ममता अवस्थी के साथ कथा का श्रवण कर रहे है। वृन्दावन से पधारे आचार्य पुष्पेंद्र चतुर्वेदी पूजन कराया।भागवत कथा में पवन अवस्थी,अंकित दीक्षित,गोलू पाण्डेय,शौर्य पाण्डेय,अवधेश शुक्ला,कुलदीप मिश्रा,कमलेश तिवारी,महावीर मिश्रा,धकडी मिश्रा,अम्बिका शुक्ला,रामशंकर उमराव,रजोल दीक्षित प्रियांशु,शुभम,मदन मास्टर साहब एवं मनइयाँ बाबा रहे|

No comments:

Post a Comment