Monday, October 21, 2019

डिघरूवा में बह रही है धर्मरस की बहार





फतेहपुर(नई सोच)।विकास खण्ड अमौली के ग्राम डिघरूवा के श्री बाँके बिहारी मन्दिर में संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा चल रही है।कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं के जयकारे से वातावरण गुंजायमान हो गया। राधे-राधे के उद्घोष से माहौल भक्ति के रस में डूब गया।इसके बाद मंत्रोच्चारण के बीच पुरोहितों द्वारा कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।भागवताचार्य राघव जी ने महाभारत से स्पर्श कराते हुए श्रीमद भागवत कथा मे परिक्षित के जन्म वृतान्त की कथा सुनाई।उन्होने कहा कलयुग केवल नाम अधारा,सुमिरि सुमिरि नर उतरहि पारा...कलयुग में भगवान का नाम लेकर  भव सागर से कोई भी पार हो सकता है अपितु वह नाम छल कपट ईर्ष्या और कुटिलता से रहित होना चाहिए।आचार्य ने कहा कि जीवनरूपी नाव का खेवनहार हनुमान जी जैसा होना चाहिये।जो मोक्ष्य का रास्ता प्रशस्त करने में हमारा मार्गदर्शक और शुभचिंतक होना चाहिये।तभी हम भवसागर रूपी संसार से पार हो पाएंगे अन्यथा नही।कथा सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।भजन,गीत व संगीत पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे।परीक्षित राजेश अवस्थी अपनी धर्मपत्नी ममता अवस्थी के साथ कथा का श्रवण कर रहे है।संगीताचार्य के रूप में ऑर्गन में कृष्णा तिवारी,तबले पर अनुपम व पैड पर शैलेन्द्र ने मधुर संगीत संगति  देकर मंत्रमुग्ध कर रहे है।आसपास के गांव से सैकड़ो लोग कथा सुनने के लिए पहुँच रहे है।पवन अवस्थी,अंकित दीक्षित,गोलू पाण्डेय,शौर्य पाण्डेय,शशांक अवस्थी,रामआसरे शुक्ला,भरतलाल तिवारी,बीरेंद्र दीक्षित,राममोहन शुक्ला,रमेश अवस्थी,सोमेश्वर उमराव,कैलाश शुक्ला बाल्मीकि बाजपेई,कमलेश उमराव,रामविशाल कुशवाहा,पुत्ती लाल मिश्रा आदि रहे।

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