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| पहुर मे पुतला फूकते लोग |
आलोक गौड
फतेहपुर(नई सोच)।‘यह आज समझ तो पाई हूं मैं दुर्बलता में नारी हूं,अवयव की सुंदर कोमलता लेकर मैं सबसे हारी हूं’।जयशंकर प्रसाद की ये पंक्तियां आधुनिक भारत में भी कितनी प्रासंगिक है न?धरती से लेकर आकाश तक परचम लहरा जहां हर क्षेत्र में बेटियां नाम रोशन कर रही हैं उसी देश में बेटियों को ज्यादा छूट नहीं देनी चाहिए, वो भोली-भाली होती हैं, सब पर भरोसा कर लेती है और बाहर जो भेड़िये उसको नोचने के लिए बैठे हैं उनसे वो अंजान हैं। अगर आपने उसे छूट दे दी को क्या पता कौन हवस का भूखा भेड़िया उसे अपना शिकार बना ले।यह सोच भी लोगो मे अब खौफ पैदा कर रही है।विगत दिनो हैदराबाद मे एक और निर्भया कांड ने सबके हृदय को झकझोर दिया है।चारो ओर सवाल उठ रहा है आखिर यह सब कब तक यू ही चलता रहेगा।मानवता और इंसानियत पर दाग दरिंदे आये दिन जघन्य अपराधो को अंजाम दे रहे है।सोमवार को जनपद के मलवा विकास खण्ड के पहुर तिराहे से बिसनामऊ बिन्द्की रोड मे इस घटना के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश दिखा।हाथ मे न्याय की माग की तख्ततिया लोगो का दर्द बया कर रही थी तो पुतला दहन से लोगो के अन्दर अपराधियो के विरुद्ध ज्वाला फूट रही थी।माग थी की हैदराबाद मे पशु चिकित्सक डा प्रियंका रेड्डी के साथ घटित हैवानियत मे संलिप्त दरिन्दो को जनता के हवाले कर दिया जाये जनता ही ऊनका फैसला कर देगी।समाज सेवी लल्ला सिंह ठाकुर सहित दो दर्जन युवाओ ने आक्रोश व्यक्त करते हुये दरिन्दो का पुतला दहन किया।हैदराबाद में डॉ प्रियंका रेड्डी की सामूहिक बलात्कार के बाद जला देने के मामला ने सबको झकझोर के रख दिया है।समाजसेवक लल्ला ठाकुर ने कहा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश में दुष्कर्मियो को सजा दिलाने में सरकार के सभी तंत्र फेल हो चुके हैं। देश में आए दिन दुष्कर्म के कई मामले सामने आ रहे हैं फिर भी उन पर कड़ी कार्यवाही नहीं हो रही है उन्होंने प्रियंका को न्याय दिलाने की मांग किया।इस मौके पर प्रमुख रूप से अभय मिश्रा विकास सिंह रंजीत टेलर अनुज पटेल संजय सिंह परिहार अभय तिवारी रामसेवक,नरेंद्र मयंक सिंह परिहार अभिषेक विश्वकर्मा अजय कुमार सहित तमाम युवा मौजूद रहे।

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