Tuesday, April 28, 2020

देहरी के भीतर:सबको बाधे है गृहणिया


बुजुर्गो की सेवा,सबको स्वादिष्ट व्यंजन,बच्चो की पढाई मे व्यस्त है गृहणिया
अपनी बात बताती आशा,ज्य्योती,हेमा


आलोक गौड(नई सोच)
फतेहपुर28अप्रैल।लाकडाउन के बाद जहां दुकान,बाजार बंद होने से अन्य लोग फुर्सत में है वही घरेलू महिलाओं की जिम्मेदारी बढ़ गई है।घर के कामकाज के साथ ही उन्हें यह भी ध्यान रखना पड़ रहा है कि परिवार के सभी सदस्य घर में रहे और उनकी जरूरतें पूरी होती रहे।घर के बुजुर्गों की सेवा परिवार के लोग व्यंजन बनाना और बच्चों की पढ़ाई में गृहणियो का समय बीत रहा है।इनके लिए यह राहत है कि सामान्य दिनों में घर से बाहर रहने के कारण लोग उनकी मेहनत को नहीं समझ पा रहे थे अब सबको उनके काम नजर आ रहे हैं।कुछ गृहणियो की जुबानी कैसे बीत रहा उनका समय...

छिवलहा निवासी आशा पाण्डेय कहती है सास-ससुर रिटायर शिक्षक है उन्ही के साथ हसी खुशी से समय बीत रहा है।कुछ समय रामायण देखने मे बीतता है जो समय बचता है वो पूजा पाठ मे व सेवा मे बीतता है।सुरक्षा को देखते हुये घर मे रहना ही उचित है।घर की हर जरुरत पूरी होगी तो लाकडाउन बोझ नही बनेगा इसका पूरा ख्याल रख रही हू।

मिर्जापुर भिटारी निवासी ज्योती तिवारी कहती है संकट के समय रास्ट्र हित सर्वोपरि है।परिवार के सभी सदस्य लाकडाउन का पालन करे इसके लिये सबको थोडी-थोडी जिम्मेदारी देकर व्यस्त रख रही हू।व्यंजन बनाना,बच्चो का ख्याल रखना एवं गेम और टीवी देखकर समय बीत रहा है।घर मे चहल-पहल बनी रहे तो मन लगा रहता है।

चौडगरा निवासी गृहणी हेमा सिंह परिहार कहती है मै अपनी बेटियो को घर के काम काज के बाद बैठकर पढाती हू।सास ससुर की विशेष सेवा जारी है।कुछ समय सिलाई कर लेती हू।राष्ट्र का नागरिक होने के कारण हमारे वजह से किसी को कोई दिक्कत न हो इसलिये लाकडाउन के नियमो का भी पालन करना है।कोशिश रहती है घरवालो को बाहर न जाना पडे।

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