Thursday, December 20, 2018

सीता स्वयंबर मे धनुष टूटते ही गुजा जय श्री राम

सीता स्वयंवर का मंचन देख छलके अश्रु                       

फतेहपुर मे रामलीला मे राम लक्ष्मण की सजी झाकी

  फतेहपुर(बकेवर)।बरिगवा गाव मे बुधवार रात्रि चल रही रामलीला मे पुष्प वाटिका, सीता स्वयंवर और लक्ष्मण परशुराम संवाद का मंचन हुआ।कलाकारों ने प्रभु श्री राम के साथ माता सीता, महाराजा जनक आदि के किरदारों का बखूबी मंचन कर खूब तालियां बटोरी।देर रात आयोजित रामलीला मंचन की शुरुआत प्रभु श्री राम के भजन से हुई।इस दौरान पूरा पंडाल प्रभु श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।इसके बाद कलाकारों ने पुष्प वाटिका,सीता स्वयंवर व लक्ष्मण परशुराम संवाद का सुंदर मंचन किया।सीता स्वयंवर का मंचन प्रारम्भ करते हुए महाराजा जनक ने अपनी बेटी के स्वयंवर की घोषणा की।उन्होंने भगवान शिव के धनुष को तोड़ेने वाले से अपनी बेटी का विवाह करने की शर्त भी रखी। इतना ही नहीं, स्वयंवर में राज्य के बड़े-बड़े राजाओं को निमंत्रण दिया गया।इसमें लंकापति रावण भी पहुंचे। सभी राजाओं ने धनुष तोड़ने की कोशिश की,लेकिन किसी से धनुष हिला तक नहीं।लोगो के आखो से आशू निकल पडे।अश्रुधार बहने लगी।इस दौरान स्वयंवर में पहुंचे विश्वामित्र ने विस्वामित्र समय शुभ जानी बोले अति सनेहमय वानी,उठऊ राम भन्जऊ भाव चापा,मेटऊ तात जनक परितापा,अपने शिष्य राम को शिव के धनुष को तोड़ने का आदेश दिया।गुरु की आज्ञा पाने के बाद प्रभु श्री राम ने धनुष को उठाया ओर तोड़ दिया।प्रभु श्री राम के धनुष को तोड़ते ही पंडाल जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद कलाकारों ने भगवान परशुराम व लक्ष्मण संवाद का भी सुंदर मंचन किया जो सुबह दस बजे तक अनवरत चलता रहा।रामलीला देखने को एक दर्जन गाव से लोग आये।अभिसेक,अभिजीत सूर्या,अर्पित सहित तमाम लोग रहे।
आलोक गौड/नई सोच समाचार

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