Tuesday, February 26, 2019

खजुहा कस्बे के एतिहासिक तलाबो का जल हो गया प्रदूषित, मुख्यमंत्री पोर्टल मे किया शिकायत

*खजुहा कस्बे के एतिहासिक तलाबो का जल हो रहा प्रदूषित*   
♦♦

○गन्दा पानी जाने से व नियमित साफ सफाई के अभाव मे प्रदूषित हुआ पानी

▪▪▪▪▪▪▪▪▪
○कस्बावासियो मे चिंता,मिट न जाये एतिहासिक तालाबो का अस्तित्व

▪▪▪▪▪▪▪▪▪
आलोक गौड

( *नई सोच समाचार समूह* )
फतेहपुर(नई सोच)।ऐतिहासिक नगरी खजुहा के तालाबों में जहर घुल  रहा है जिससे तालाबों का पानी प्रदूषित होता जा रहा है।जल्द उपाय न किये गये तो पानी जहरीला हो जायेगा।पीले पड़ रहे तालाबो के पानी से लोगों में चिंता बढ़ गई है।जहां ऐतिहासिकता को प्राप्त खजुहा को देश के कोने कोने तक जाना जाता है वही यहा के तालाबों की प्रामाणिकता ऐतिहासिकता को जानने के लिए समय-समय पर लोग आते रहते हैं।प्रदूषित जल से विभिन्न रोगों का खतरा बढ़ गया है।तालाबो का पानी मानव के लिए निरर्थक साबित हो रहा है,वहीं पशुओं के लिए घातक हो सकता है।अब लोग मवेशियो को पानी पिलाने को नही ले जा रहे है।गर्मियो मे मुश्किले बड़ सकती है।
...................
खजुहा के चारों दिशाओं में चार बड़े तालाब है।पूर्व की और औरंगजेब के द्वारा निर्मित बादशाही तालाब,पश्चिम में राड़न तालाब,उत्तर में तुलाराम का तालाब और दक्षिण में रानी सागर तालाब है।जिसमें दक्षिण दिशा वाला रानी सागर तालाब सबसे पुराना है।इन सभी तालाबों का पानी खराब हो रहा है।पीले पानी से काफी लोगों में चिंता बढ़ गई है। ऐतिहासिकता की नजर से देखे जाने वाला कस्बा अपना अस्तित्व है।किंतु समय के साथ उस पर प्रभाव पड़ रहा है।युवा विकास समिति द्वारा इस समस्या की शिकायत तालाबो की सफाई के लिये मुख्यमंत्री से गूहार लगाया है,शिकायत कर ग्राम्य विकास अधिकारी से स्थलीय निरिक्षण का निवेदन किया है।कहा की एतिहासिक तलाबो का अस्तित्व बचा रहे इसके लिये सार्थक कदम उठाया जाना आवश्यक है।
..............
सरोवरों में दर्पण की तरह भरा हुआ जल न जाने कितने ही सुंदर प्रधान बिम्ब अपने अंदर छिपाए है। जिनकी सीढ़ियों में दर्शनार्थियों के चरण पड़ते ही तालाब अपना भक्त मानते होगे।महाकवि मलिक मोहम्मद जायसी ने लिखा है-"पावा रूप रूप के दर से" यहा के तालाबो को देखने के बाद सार्थक होता रहा है।कस्बे की एतिहासिक्ता के बारे मे गाव के बुजुर्गो से जानकार नई पीढ़ी मे साहस भर उठता है।कस्बे मे न जाने कितने मंदिर बने हैं जो  ऐतिहासिकता को बरकरार रखे हुए।वहीं तालाबों का अस्तित्व मिटने की कगार पर पहुंच रहा है। तालाब का पानी गंदा होता जा रहा है प्रदूषित जल का उपयोग करना घातक हो सकता है। 


____________________________
*ये है एतिहासिक तलाब-*
_____________________________
1.बादशाही तलाब

2.राडन तलाब(पश्चिम मे)

3.तुलाराम तलाब(उत्तर मे)

4.रानी सागर तलाब(दक्षिण मे)
____________________________
_* क्या कहते है कस्बावासी*_        _____________________________

 1)तालाबों का पानी गंदा होने का कारण घरों से निकलने वाला अपशिष्ट पदार्थ कूड़ा,कचरा,गंदा पानी सीधे इन तालाबों में जा रहा है जिससे कस्बे के ऐतिहासिक तालाबों का पानी प्रदूषित हो रहा है साथ ही तालाबों के आसपास मल मूत्र त्याग करने वाले भी से गंदा कर रहे हैं।इस पर रोक लगनी चाहिए तभी पानी साफ रहेगा ।  *-पत्रकार अमरदीप त्रिपाठी*     _____________________________
2)"कस्बा मे चार तलाब है,साढ़े तेरह बीघा मे बना राडन ताला का पानी सबसे अधिक खराब है,ऊपर काई जमी है और पानी पूरा पीला पड़ गया है।तालाब के आसपास गंदगी है।नियमित साफ सफाई हो तो तलाब का पानी गन्दा न हो।           
*-महेंद्र यादव*  ____________________________
3)बहुत समय एतिहासिक तलाबो की संध्या आरती करता आ रहा हू,अराजकत्त्व शाम को हावी रहते है,गंदगी करते है,किसी से यदि कुछ कहा जाये तो झगडे पर आमदा हो जाते है।इसलिए जो स्थिति है जानते हूए भी कोई पहल नही करता है।
*-नारेन्द लाला*
_____________________________
4)कस्बा के तालाबो मे साफ पानी भरने और निकालने का रास्ता हो तो पानी साफ रहे।कहा जाता है इन तालाबो मे रानिया स्नान करती थी आज जानवरो  को तक नही ले जा सकते है गन्दा पानी चिंता का विसय है।तालाबो को साफ कराने के लिये प्रशासन को आगे आना चाहिए जिससे कस्बावासी भी जागरुक होगे।
*-अवधेश वर्मा*                                  ________________________________


♦♦
आलोक गौड/नई सोच

No comments:

Post a Comment