○अर्गलेश्वर मंदिर है आस्था का केंद्र
○श्रावन मास व महाशिवरात्रि को लगता मेला
आलोंक गौड/नई सोच
फतेहपुर।अमौली विकास खण्ड के अर्गल गाव मे अस्था का केन्द्र अरगलेश्वर मन्दिर है।जहा महाशिवरात्रि को मेला लगता है। जनपद सहित कई अन्य जनपदों से भक्त आकर करते है दर्शन।प्रचीन शिव मंदिर आज भी हैं अस्था का केंद्र।शिवरात्रि व श्रवण मास पर लोग करते हैं विशेष पूजा अर्चना।शिव भक्त कावरिया लाकर करते है जलाभिषेक, सोमवार को लगेगा मेला,सज कर तैयार हुआ अर्गल का प्राचीन शिव मंदिर।विकासखंड अमौली क्षेत्र के अरगल गांव स्थित अरगलेश्रर अखंड धाम प्राचीन शिव मंदिर विकास खँड अमौली क्षेत्र के अर्गल गांव स्थित अर्गलेश्रर अखंड धाम प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही है। भक्तों को कोई असुविधा ना हो सके इसके लिए पानी और बिजली की विशेष व्यवस्था की गई मंदिर की पुजारी साध्वी कमलेश्वरी सरस्वती ने बताया की मंदिर प्राचीन काल का है इसका इतिहास कई पीढ़ियों का है साध्वी ने बताया कि मंदिर का निर्माण 1944 सन में मेरे गुरु महाराज वैश्वानन्द जी के कर कमलों द्वारा कराया गया हालांकि मंदिर का प्राचीन काल से पुराना इतिहास है अरगल गांव के गांव के ही रहने वाले 75 वर्षीय कृष्ण बिहारी त्रिपाठी ने बताया की मंदिर के लोगों की ऐसी मान्यता है कि यहां पर घनी झाड़ियों के बीच एक गाय आकर अपने स्तनों से झाड़ियों के बीच दूध निकाल दिया करती थी जब गांव के चरवाह उस गाय का दूध निकालने के लिए शाम को घर में बैठे तो वह गाय दूध नहीं देती थी चरवाहों ने उस गाय का पीछा कर देखा तब कई दिनों बाद घनी झाड़ियों के बीच गाय को जाते देखा तो वहां मौजूद एक शिवलिंग के ऊपर गाय अपने स्तनों से दूध निकाल रही थी तभी स्थानीय लोगों ने वहां एक भव्य शिव मंदिर का निर्माण करवाया मंदिर की साध्वी ने बताया कि खजुहा निवासी बद्री प्रसाद द्वारा इस मंदिर की स्थापना की पहल आज से 500 वर्ष पहले की गई थी।
फतेहपुर के ताजा समाचार अपडेट पाने के लिये तत्काल जुडे
मेल करे ak9998251@gmail.com पर अपना पूरा पता और नम्बर
○श्रावन मास व महाशिवरात्रि को लगता मेला
आलोंक गौड/नई सोच
फतेहपुर।अमौली विकास खण्ड के अर्गल गाव मे अस्था का केन्द्र अरगलेश्वर मन्दिर है।जहा महाशिवरात्रि को मेला लगता है। जनपद सहित कई अन्य जनपदों से भक्त आकर करते है दर्शन।प्रचीन शिव मंदिर आज भी हैं अस्था का केंद्र।शिवरात्रि व श्रवण मास पर लोग करते हैं विशेष पूजा अर्चना।शिव भक्त कावरिया लाकर करते है जलाभिषेक, सोमवार को लगेगा मेला,सज कर तैयार हुआ अर्गल का प्राचीन शिव मंदिर।विकासखंड अमौली क्षेत्र के अरगल गांव स्थित अरगलेश्रर अखंड धाम प्राचीन शिव मंदिर विकास खँड अमौली क्षेत्र के अर्गल गांव स्थित अर्गलेश्रर अखंड धाम प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही है। भक्तों को कोई असुविधा ना हो सके इसके लिए पानी और बिजली की विशेष व्यवस्था की गई मंदिर की पुजारी साध्वी कमलेश्वरी सरस्वती ने बताया की मंदिर प्राचीन काल का है इसका इतिहास कई पीढ़ियों का है साध्वी ने बताया कि मंदिर का निर्माण 1944 सन में मेरे गुरु महाराज वैश्वानन्द जी के कर कमलों द्वारा कराया गया हालांकि मंदिर का प्राचीन काल से पुराना इतिहास है अरगल गांव के गांव के ही रहने वाले 75 वर्षीय कृष्ण बिहारी त्रिपाठी ने बताया की मंदिर के लोगों की ऐसी मान्यता है कि यहां पर घनी झाड़ियों के बीच एक गाय आकर अपने स्तनों से झाड़ियों के बीच दूध निकाल दिया करती थी जब गांव के चरवाह उस गाय का दूध निकालने के लिए शाम को घर में बैठे तो वह गाय दूध नहीं देती थी चरवाहों ने उस गाय का पीछा कर देखा तब कई दिनों बाद घनी झाड़ियों के बीच गाय को जाते देखा तो वहां मौजूद एक शिवलिंग के ऊपर गाय अपने स्तनों से दूध निकाल रही थी तभी स्थानीय लोगों ने वहां एक भव्य शिव मंदिर का निर्माण करवाया मंदिर की साध्वी ने बताया कि खजुहा निवासी बद्री प्रसाद द्वारा इस मंदिर की स्थापना की पहल आज से 500 वर्ष पहले की गई थी।
फतेहपुर के ताजा समाचार अपडेट पाने के लिये तत्काल जुडे
मेल करे ak9998251@gmail.com पर अपना पूरा पता और नम्बर


जय अर्गलेश्वर महादेव |
ReplyDelete