Tuesday, March 5, 2019

जनक विलाप सुन व्यथित हूए दर्शक

राम ने तोड़ा धनुष,सीता ने पहनाइ वरमाला                                  

सम्मानित किये गये विद्यार्थी

(आलोक गौड/नई सोच)
फतेहपुर।मलवा विकासखंड के शिवराजपुर में चल रही दो दिनी रामलीला का समापान हो गया।रामलीला के दूसरे दिन  मंगलवार की रात धनुष भंग के आयोजन में सीता स्वयंवर में आए बड़े-बड़े सूरमा जब शिव जी का धनुष नहीं तो तोड़ पाए तो राजा जनक विलाप करते हुए बोले,अब जनि कोऊ भाषै भटमानी,वीर विहीन महि मैं जानी, तजऊ आस निज निज गृह जाहू,लिखा न विधि वैदेही बियाहू,यह सुनकर दर्शक व्यथित हो गए।सीता के विवाह के लिए उनका पिता के रूप में छटपटाना देख दर्शकों की आंखें नम हो गईं।इस पर भगवान श्रीराम ने विश्वामित्र की आज्ञा पाकर धनुष भंग कर दिया।सीता ने राम के गले में वरमाला डाली तो देवताओं ने भी पुष्पवर्षा की। धनुष की टूटने की गर्जना सुनकर के मंच पर भार्गव परशुराम का आगमन होता है जिसके बाद लक्ष्मण और परशुराम का संवाद शुरू हो जाता है।ग्राम प्रधान सूरजपाल यादव ने गाव से चयनित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 10बच्चो को छात्र छात्राओं को मेडल व प्रश्सती पत्र देकर पुरस्कृत व सम्मानित किया।रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सूरजपाल यादव ने कहा पश्चिमी सभ्यता की चमक-दमक में युवा पीढ़ी की रामायण के प्रति जागरूकता कम हो गई है।उसे जागरूक करने तथा मर्यादा पुरुषोत्तम राम तथा लक्ष्मण के आदर्शों तथा भाईचारे को जीवन में अपनाने के उद्देश्य से रामलीला का मंचन जरूरी है।इस मौके पर प्रमुख रूप से करूणा तिवारी,पंकज दिक्षित,शनि शुक्ला,स्टेन,पुस्पेंद्र पाल,सत्यदेव निषाद,अशोक पाल,बसंतलाल निषाद,राकेश सविता,राजू यादव आदि रहे।

फोटो-सम्मानित अव्वल बच्चे,जनक विलाप,सीता विवाह,लक्ष्मण परशुराम संवाद

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