राम वन गमन का मंचन देख नम हुई आंखें
(आलोक गौड/नई सोच)
फतेहपुर।मलवा कस्बा के बाजार मे चल रही चार दिनी रामलीला का समापन हो गया।रामलीला में मंगलवार रात्री को कलाकारों ने राम वन गमन का मंचन किया।इसे देख दर्शकों की आंखे नम हो गई।लीला का शुभारंभ भगवान राम की झांकी व आरती के साथ हुआ।इसके बाद मंचन में राजा दशरथ के मन में यह विचार आता है कि श्रीराम का राज्याभिषेक कर दिया जाए।यह बात अयोध्या में फैल जाती है।जब राजा के मंशा की जानकारी मंथरा को होती है तो वह कैकेई के पास जाती है और उनसे भरत को राजा बनवाने की बात कहती है।उन्हे दो वरदान याद दिलाती है।कैकेई व मन्थरा मे घंटो संवाद होता है।इसे लेकर कैकेई कोप भवन में चली जाती हैं।सूचना मिलने पर महाराज दशरथ भी वहां पहुंचते हैं, जहां रानी उनके द्वारा दिए गए वचन की याद दिलाकर भरत को राजगद्दी व श्रीराम को चौदह वर्ष के वनवास की मांग करती हैं।यह सुनकर राजा दशरथ चिंतित हो जाते हैं।उधर राम वन जाने के लिए निकल पड़ते हैं। माता सीता व अनुज लक्ष्मण भी उनके साथ चल देते हैं।उधर दशरथ प्राण त्याग देते हैं।लीला देख के लोग भावुक हो गये।इस मौके पर कमेटी के लोगो ने प्रसाद वितरित किया।प्रमुख रूप से संजय दत्त द्विवेदी,उमेश सिंह ,भैयालाल चौरसिया,अश्वनी तिवारी,रामप्रसाद शुक्ला,विशाल शुक्ल,हरिओम बाजपेई,दयानंद गुप्ता ,अनिल सविता रहे।
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| दशरथ कैकइ संवाद |
(आलोक गौड/नई सोच)
फतेहपुर।मलवा कस्बा के बाजार मे चल रही चार दिनी रामलीला का समापन हो गया।रामलीला में मंगलवार रात्री को कलाकारों ने राम वन गमन का मंचन किया।इसे देख दर्शकों की आंखे नम हो गई।लीला का शुभारंभ भगवान राम की झांकी व आरती के साथ हुआ।इसके बाद मंचन में राजा दशरथ के मन में यह विचार आता है कि श्रीराम का राज्याभिषेक कर दिया जाए।यह बात अयोध्या में फैल जाती है।जब राजा के मंशा की जानकारी मंथरा को होती है तो वह कैकेई के पास जाती है और उनसे भरत को राजा बनवाने की बात कहती है।उन्हे दो वरदान याद दिलाती है।कैकेई व मन्थरा मे घंटो संवाद होता है।इसे लेकर कैकेई कोप भवन में चली जाती हैं।सूचना मिलने पर महाराज दशरथ भी वहां पहुंचते हैं, जहां रानी उनके द्वारा दिए गए वचन की याद दिलाकर भरत को राजगद्दी व श्रीराम को चौदह वर्ष के वनवास की मांग करती हैं।यह सुनकर राजा दशरथ चिंतित हो जाते हैं।उधर राम वन जाने के लिए निकल पड़ते हैं। माता सीता व अनुज लक्ष्मण भी उनके साथ चल देते हैं।उधर दशरथ प्राण त्याग देते हैं।लीला देख के लोग भावुक हो गये।इस मौके पर कमेटी के लोगो ने प्रसाद वितरित किया।प्रमुख रूप से संजय दत्त द्विवेदी,उमेश सिंह ,भैयालाल चौरसिया,अश्वनी तिवारी,रामप्रसाद शुक्ला,विशाल शुक्ल,हरिओम बाजपेई,दयानंद गुप्ता ,अनिल सविता रहे।



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