Monday, March 4, 2019

मलवॉ रामलीला में लक्ष्मण परशुराम संवाद सुनने को उमड़ी भीड़,हुआ तीखा संवाद

राम रमापति करधन लेहू ,खैंचहु चाप मिटहि संदेहू...

○मलवा मे चल रही रामलीला  मे हुआ धनुष भंग का मंचन

○धनुष टूटने से क्रोधित हूए परशुराम,लक्ष्मण से हुआ संवाद


मलवा में लक्ष्मण परशुराम संवाद का मंचन

(आलोक कुमार गौड-नई सोच)
फतेहपुर।मलवॉ बाजार में चल रही चार दिवसीय रामलीला के तीसरे दिन सोमवार की रात धनुष भंग लीला का मंचन किया गया।मिथिला नरेश जनकजी के दरबार में मौजूद बड़े-बड़े शूर-वीर,पराक्रमी, धुरंधर योद्धा जब सीता स्वयंवर के लिए निर्धारित शिव-धनुष पिनाक की प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर,उसे टस-से-मस तक नहीं कर पाते,तब अत्यंत मायूसी में खिन्न जनकजी भरे दरबार में सबके शौर्य को ललकारते हुए कहते हैं कि क्या यह धरा वीर विहीन को गई है?अगर मुझे यह पहले पता होता,तो धनुष तोड़ने की शर्त नहीं रखता।इसके बाद लक्ष्मण का क्रोध में आना और जनकजी को ललकारना,भगवान श्रीराम का लक्ष्मण को शांत कराना, गुरु विश्वामित्र का संकेत मिलते ही श्रीराम का शिष्टता के साथ पिनाक के सम्मुख पहुंच उसे नमन कर एक ही झटके में उसे उठाना और प्रत्यंचा चढ़ाते ही बिजली की गति से प्रचंड ध्वनि के साथ शिव-धनुष खण्ड-खण्ड हो जाना- इस दृश्य को देख वहां मौजूद सीताजी तथा जनकजी समेत समूची मिथिला नगरी की खुशियों का पारावार न रहा।आकाश मार्ग से देवी-देवताओं ने हर्षित होकर पुष्पवर्षा की।चारों ओर शहनाई-दुंदुभि बजने लगीं।मंगलगान होने लगे। स्वयंवर की शर्त के मुताबिक सीताजी अपनी सखियों सहित प्रभु श्रीराम के पास पहुंची और हाथ में लिया जयमाला उनके गले में डाल दी।धनुष टूटने की गर्जना से क्रोधित परशुरा धनुष तोडने वाले का नाम पूछते है,कहते है वह सामने आ जाये नही सभी राजा मारे जायेगे,यह सुन जनक जी प्रार्थना करते है।परशुराम के क्रोध को देख लक्ष्मण ठीठोली करते है।इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम का संवाद शुरु हो जाता है,लक्ष्मण कहते है ऐसे धनुष तो बचपन से ही बहुत तोडे है तब आपने क्रोध नही किया,परशुराम के क्रोध को देख राम अनुनय विनय करते है,और कहते है धनुष तो छूते ही टूट गया,तब व्यास की रामचरितमानस की चौपाई  राम रमापति करधन लेहू ,खैंचहु चाप मिटहि संदेहू...से राम, परशुराम के सन्देह को दूर करते है।यह क्रम सुबह 10बजे तक चलता रहा।गर्मा गरम बहस सुनने को क्षेत्रीय दर्शक मौजूद रहे।राम लक्ष्मण की बाल रूप जोडी आकर्षण का केद्र रही।इस मौके पर युवा विकास समिति के ज्ञानेद्र मिश्रा भी पहुचे।प्रमुख रूप से संजय दत्त द्विवेदी,उमेश सिंह,भैयालाल चौरसिया,अश्वनी तिवारी,रामप्रसाद शुक्ला,विशाल शुक्ल,हरिओम बाजपेई,आलोक,दयानंद गुप्ता,अनिल सविता रहे ।


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