उधार से चल रही शिवराजपुर गौशाला,नही मिला धन
(आलोक गौड-नई सोच)
फतेहपुर।मलवा विकासखंड के शिवराजपुर में श्री गिरिधर गोपाल नंदी गौशाला 30 जनवरी 2019 को शुरु हुई थी।25बीघा मे बनी गौशाला मनरेग के तहत 3 महीने में बनकर तैयार हुई है।गौशाला जब शुरू हुई तो इसमें क्षेत्रीय ग्रामीणों ने अपने नर व मादा मवेशियों को ले करके छोड़ दिया।अव्यवस्थाएं पहले से ही उजागर हुई जिन को दूर करने के लिए प्रशासन ने इंतजाम करने की बात कही,किंतु निर्धारित संख्या के हिसाब से अधिक मवेशी होने के कारण यहां चारे की समस्या बनी हुई है।गौशाला मे 500नंदी गोवन्श रखने की निर्धारित है सख्या जबकी अब यहा पर कुल 680गोवन्श है,जिसमे 430नर व 250मादा गोवन्श है।इस गौशाला को अभी तक इस एक भी पैसा नहीं प्राप्त हुआ है।चारे के आभाव में गौशाला की व्यवस्था चरमरा रही है। 68 कुंटल भूसा प्रतिदिन मिलना चाहिए,जिसके एवज में 12 कुंटल भूसा में काम चल रहा है।लोगों की सहायता से 20 कुंतल भूसा एक बार आया भी जो बहुत जल्द समाप्त हो गया।विपरीत मौसम होने के कारण भूखे के दाम भी अधिक है।1 मवेशी के हिसाब से ₹150 का भूसा खाता है जिस के हिसाब से प्रतिदिन 680 मवेशियों का एक लाख खर्च होता है,जो कि पूरा नहीं हो पा रहा है।गौशाला मे ही पानी के लिये एक तालाब भी निर्मित है जो मनरेग के तहत बनाया गया है।सरकारी नलकूप से इसमे पानी भरा जाता है।
*मुख्य समस्या* -
नंदी गौशाला शिवराजपुर में केवल नंदी गोवन्श रखने की व्यवस्था इसके बावजूद भी यहां पर नर व मादा दोनों मवेशी हैं जिसके कारण मवेशी आपस में लड़ते हैं और घायल हो जाते हैं। इस तरीके से घायल मवेशियों का इलाज प्रतिदिन चल रहा है टैगिंग का काम भी हो रहा है।फिर भी मवेशी की मृत्यु जाती है।जिसका कारण आपस में लड़ना है। मवेशियों मृत्यु की जानकारी जब तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को हुआ था तो उन्होंने मादा मवेशियों को देवलान भेजने की बात कही थी कुछ मवेशी वहा भेजे भी गये, लेकिन उनके जाते यह क्रम रुक गया व्यवस्था अव्यवस्था में तब्दील हो गई है।धन न मिलने से कर्मचारियो को भुगतान तक नही किया जा सका है।सारा कार्य मनरेगा के तहत हुआ है।अभी चरही बनाने व टीन शेड डालने का काम भी जारी है।गौशाला मे चारा काटने व देखरेख मे 22कर्मचारी नियुक्त है।चारो ओर कच्ची खाई है,एक मुख्य गेट है।
*क्या कहा प्रधान ने* -
ग्राम प्रधान सूरजपाल यादव ने बताया की गौशाला संचालन में पैसा ना होने से समय से भूसे की खरीदारी नहीं हो पाती है।गौशाला का खाता अध्यक्ष ग्राम प्रधान सूरजपाल यादव एवं सचिव राजेश कुमार के नाम से खुला है।गौशाला में समित ब्लॉक स्तरीय बनी है।समिति में खंड विकास अधिकारी मलवा प्रतिमा वर्मा व चिकित्सा अधिकारी मलवा अंकुर सचान है।न्याय पंचायत स्तर पर समिति बनना था जो नही बनी।नव आगंतुक जिला अधिकारी ने समिति बनाने के विषय पर अभी तक एक भी बैठक नहीं किया हैं।
एक नजर-
ब्लाक : मलवा
गौशाला :शिवराजपुर
गोवन्श की संख्या :680
विषेश :केवल नंदी के लिये
निर्माण लागत :27लाख
मिला धन : कुछ नही
क्षेत्रफल :25बीघा(41हजार वर्ग मी.)
पेयजल :एक तालाब
जलापूर्ति :132बीजी नलकूप
कर्मचारी :22
प्रगती कार्य :टीनशेड,चरही निर्माण
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रामदास निषाद ने कहा गौशाला से मवेशी बाहर खेतों में जाकर फसल नष्ट करते हैं उसमें रोक लगनी चाहिए।
शिरोमणि द्विवेदी ने कहा अन्ना मवेशी भूसा चारा के अभाव में मर रहे हैं अकेले प्रधान ही क्या करें।
शिव प्रताप ने कहा काम तो काफी समय से चल रहा है फिर भी बाउंड्री फांद कर मवेशी बाहर निकल जाते हैं जिससे फसलें नष्ट होती हैं।
गांव साला को धन ही नहीं मिल रहा है तो आप व्यवस्थाएं कैसे दूर होंगी पूरी तरीके से बाय इंतजा में सबके सामने है- श्याम बाबू
(आलोक गौड-नई सोच)
फतेहपुर।मलवा विकासखंड के शिवराजपुर में श्री गिरिधर गोपाल नंदी गौशाला 30 जनवरी 2019 को शुरु हुई थी।25बीघा मे बनी गौशाला मनरेग के तहत 3 महीने में बनकर तैयार हुई है।गौशाला जब शुरू हुई तो इसमें क्षेत्रीय ग्रामीणों ने अपने नर व मादा मवेशियों को ले करके छोड़ दिया।अव्यवस्थाएं पहले से ही उजागर हुई जिन को दूर करने के लिए प्रशासन ने इंतजाम करने की बात कही,किंतु निर्धारित संख्या के हिसाब से अधिक मवेशी होने के कारण यहां चारे की समस्या बनी हुई है।गौशाला मे 500नंदी गोवन्श रखने की निर्धारित है सख्या जबकी अब यहा पर कुल 680गोवन्श है,जिसमे 430नर व 250मादा गोवन्श है।इस गौशाला को अभी तक इस एक भी पैसा नहीं प्राप्त हुआ है।चारे के आभाव में गौशाला की व्यवस्था चरमरा रही है। 68 कुंटल भूसा प्रतिदिन मिलना चाहिए,जिसके एवज में 12 कुंटल भूसा में काम चल रहा है।लोगों की सहायता से 20 कुंतल भूसा एक बार आया भी जो बहुत जल्द समाप्त हो गया।विपरीत मौसम होने के कारण भूखे के दाम भी अधिक है।1 मवेशी के हिसाब से ₹150 का भूसा खाता है जिस के हिसाब से प्रतिदिन 680 मवेशियों का एक लाख खर्च होता है,जो कि पूरा नहीं हो पा रहा है।गौशाला मे ही पानी के लिये एक तालाब भी निर्मित है जो मनरेग के तहत बनाया गया है।सरकारी नलकूप से इसमे पानी भरा जाता है।
*मुख्य समस्या* -
नंदी गौशाला शिवराजपुर में केवल नंदी गोवन्श रखने की व्यवस्था इसके बावजूद भी यहां पर नर व मादा दोनों मवेशी हैं जिसके कारण मवेशी आपस में लड़ते हैं और घायल हो जाते हैं। इस तरीके से घायल मवेशियों का इलाज प्रतिदिन चल रहा है टैगिंग का काम भी हो रहा है।फिर भी मवेशी की मृत्यु जाती है।जिसका कारण आपस में लड़ना है। मवेशियों मृत्यु की जानकारी जब तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को हुआ था तो उन्होंने मादा मवेशियों को देवलान भेजने की बात कही थी कुछ मवेशी वहा भेजे भी गये, लेकिन उनके जाते यह क्रम रुक गया व्यवस्था अव्यवस्था में तब्दील हो गई है।धन न मिलने से कर्मचारियो को भुगतान तक नही किया जा सका है।सारा कार्य मनरेगा के तहत हुआ है।अभी चरही बनाने व टीन शेड डालने का काम भी जारी है।गौशाला मे चारा काटने व देखरेख मे 22कर्मचारी नियुक्त है।चारो ओर कच्ची खाई है,एक मुख्य गेट है।
*क्या कहा प्रधान ने* -
ग्राम प्रधान सूरजपाल यादव ने बताया की गौशाला संचालन में पैसा ना होने से समय से भूसे की खरीदारी नहीं हो पाती है।गौशाला का खाता अध्यक्ष ग्राम प्रधान सूरजपाल यादव एवं सचिव राजेश कुमार के नाम से खुला है।गौशाला में समित ब्लॉक स्तरीय बनी है।समिति में खंड विकास अधिकारी मलवा प्रतिमा वर्मा व चिकित्सा अधिकारी मलवा अंकुर सचान है।न्याय पंचायत स्तर पर समिति बनना था जो नही बनी।नव आगंतुक जिला अधिकारी ने समिति बनाने के विषय पर अभी तक एक भी बैठक नहीं किया हैं।
एक नजर-
ब्लाक : मलवा
गौशाला :शिवराजपुर
गोवन्श की संख्या :680
विषेश :केवल नंदी के लिये
निर्माण लागत :27लाख
मिला धन : कुछ नही
क्षेत्रफल :25बीघा(41हजार वर्ग मी.)
पेयजल :एक तालाब
जलापूर्ति :132बीजी नलकूप
कर्मचारी :22
प्रगती कार्य :टीनशेड,चरही निर्माण
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रामदास निषाद ने कहा गौशाला से मवेशी बाहर खेतों में जाकर फसल नष्ट करते हैं उसमें रोक लगनी चाहिए।
शिरोमणि द्विवेदी ने कहा अन्ना मवेशी भूसा चारा के अभाव में मर रहे हैं अकेले प्रधान ही क्या करें।
शिव प्रताप ने कहा काम तो काफी समय से चल रहा है फिर भी बाउंड्री फांद कर मवेशी बाहर निकल जाते हैं जिससे फसलें नष्ट होती हैं।
गांव साला को धन ही नहीं मिल रहा है तो आप व्यवस्थाएं कैसे दूर होंगी पूरी तरीके से बाय इंतजा में सबके सामने है- श्याम बाबू


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