Sunday, April 7, 2019

राम जन्म के हेतु अनेका....राम जन्म की कथा सुनाई

फतेहपुर।पश्चिमी सरहद से पाँच कि.मी. पुरब दिशा इलाहाबाद कानपुर हाइवे पर स्थित गोधरौली गांव में नृत्य रसिक साकेत पति  भगवान ठाकुर जी विराजमान मन्दिर में दस दिवसीय धार्मिक महोत्सव का आज तीसरा दिन है
मानव सभ्यता के समूह बनाकर रहने के परिवर्तन के साथ ही इस धार्मिक स्थल का निर्माण गाँव की सोंधी मिट्टी की भीत बनाकर गांव की लकडी से पाटकर मन्दिर का आकर दिया गया।पीढिंया बितती गयी मन्दिर में निखार आता गया !
लगभग 8 हजार वर्ग मीटर में बना यह अद्वतीय स्थल कलयुग में भी त्रेतायुग का जीवान्त नमुना है।यहाँ बारहों माह  होने वाले उत्सव अपने आप महोत्सव बन जाते हैं! अधिकतर गाँव वासी तुलसी की माला व रामरज  (पीला) वश्री( लाल) तिलक लगाते  व धारण करते हैं। बोलचाल में सीताराम यहाँ के रोम रोम में रमते हैं ।शिष्टाचार में सीताराम ही मुँख से निकलता है!चाहे चोट लगे या दर्द कराह की जगह सीताराम ही हर पीडा की दवा है।प्राणान्त के समय भी ग्राम्य जनों के मुँह से सीताराम ही निकलता है। हो भी  न क्यों ब्रम्ह बेला से ही मन्दिर की चोटी से ध्वनि विस्तारक यन्त्रों से सीता राम की स्वर लहरी प्रस्फुटित होती रहती है।मलवां विकासखंड के गोधरौली गांव में 10दिवसीय राम कथा के दूसरे दिवस सीताकांत शरण जी महाराज नेकहा विश्व में केवल हमारे देश में हीअपने देश को भारत माता के नाम से पुकारते हैं। यह संस्कृति अन्य कहीं देखने को नहीं मिलती है। हमारे देश के हर एक घर में एक गाय रख ली जाए तो गाय कम पड़ जायेंगी। गौ माता की हो रही दुर्दशा से  भी मुक्ती मिलेगी।कथाक्रम में बोलते हुए आचार्य राघव शरण ने राम जन्म की कथा पर प्रकाश डाला। मनु शतरूपा आदिमानव की कथा सुनाते हुए  कहा तपस्या करते हुए इन्होंने भगवान से स्वयं पुत्र रूप में जन्म लेने को वरदान मांगा था।उन्होंने कहा ईश्वर गर्भ से अवतार ले सकता है। पृथ्वी से आकाश से कहीं से भी अवतरित हो सकता है।लोक कल्याण के लिए जब जब धरती पर पाप बोझ पड़ता है। ईश्वर जन्म लेता है। राम, भरत, शत्रुघ्न रिपुसूदन भी इसी निमित्य से पृथ्वी पर अवतरित हुए। शाम को आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ। अयोध्या से पधारे धर्मेंद्र जी ने श्री राम कथा सुनायी। नागेश्वर सिंह, राजाराम सिंह, मुन्नू सिंह, कल्लू प्रजापति, ठाकुर प्रसाद, कल्लू सिंह, मनीष, सुनील, राम शंकर आदि उपस्थित रहे।

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